चरित्र शंका में पत्नी की हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास



हाथ पैर बांध,गमछे से गला घोंटकर की थी हत्या, बालोद न्यायालय ने सुनाई सजा

बालोद। चरित्र शंका के चलते अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने वाले आरोपी पति को बालोद न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला माननीय श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, बालोद द्वारा 6 मई 2026 को सुनाया गया।

न्यायालय ने आरोपी अर्जुन राम मंडावी, पिता स्वर्गीय धन्नू राम मंडावी, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम चिटौद थाना पुरूर जिला बालोद को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 100 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।

चरित्र शंका में पत्नी की कर दी हत्या

प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम सिंह साहू ने पैरवी की। अभियोजन के अनुसार प्रार्थी मुकेश कुमार टांडे ने थाना पुरूर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 अक्टूबर 2024 की रात लगभग 8 बजे वह सुभाष चौक चिटौद के पास मौजूद था। इसी दौरान गांव का अर्जुन मंडावी वहां आया और उसने बताया कि उसने अपनी पत्नी अंजली मंडावी की हत्या कर दी है।

आरोपी ने बताया कि उसने चरित्र शंका के कारण अपनी पत्नी को घर के कमरे में पलंग पर लिटाकर उसके हाथ-पैर बांध दिए और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।

गांव वालों के साथ पहुंचे घर, पलंग पर मिली मृतिका

सूचना मिलने पर प्रार्थी मुकेश टांडे गांव के निर्मल साहू, जीवन ठाकुर, रमेंद्र ठाकुर एवं अन्य ग्रामीणों के साथ आरोपी के घर पहुंचा। वहां देखा गया कि अंजली मंडावी पलंग पर मृत अवस्था में पड़ी थी तथा उसके हाथ-पैर साड़ी से बंधे हुए थे।

घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद थाना पुरूर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई हत्या की पुष्टि

मृतिका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से दम घुटने के कारण मृत्यु होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अर्जुन मंडावी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

प्रकरण की विवेचना निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा द्वारा की गई। विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सुनाई सजा

प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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