पीपरछेड़ी परगना में भगवान श्री नारायण देव जी की मूर्ति स्थापना एवं जयंती समारोह धूमधाम से सम्पन्न



33 गांवों के समाजजन हुए शामिल, शोभायात्रा और सामाजिक एकता का दिखा उत्साह

बालोद/लाटाबोड़ से कुलेश्वर प्रसाद आसनिक की रिपोर्ट। पीपरछेड़ी परगना में महार/महरा समाज के ईष्ट देव भगवान श्री नारायण देव जी की मूर्ति स्थापना एवं जयंती समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर पीपरछेड़ी परगना अंतर्गत 33 गांवों से बड़ी संख्या में समाज के स्वजातीय बंधुजन शामिल हुए।

समाज के ईष्ट देव भगवान श्री नारायण देव जी की प्रतिमा स्वर्गीय कांसीराम रायपुरिया (पूर्व पीपरछेड़ी परगना अध्यक्ष) की स्मृति में उनके पुत्र रामसेवक रायपुरिया (प्राचार्य) द्वारा प्रदान की गई। प्रतिमा को पीपरछेड़ी परगना के सामाजिक भवन में विधिवत स्थापित किया गया।

कलश यात्रा और शोभायात्रा में उमड़ा उत्साह

कार्यक्रम के तहत सुबह 10 बजे भगवान श्री नारायण देव जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें परगना की मातृशक्तियों ने कलश धारण कर बाजे-गाजे एवं संगीत के साथ पूरे पीपरछेड़ी गांव का भ्रमण किया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम का मंच संचालन युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष कुलेश्वर प्रसाद आशनी द्वारा किया गया।

समाज के इतिहास और संत चोखा भगत की जीवनी पर प्रकाश

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अशोक चांद, प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ महार/महरा झरिया (शाखा) समाज ने समाज को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक एकजुटता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने तथा युवाओं को सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने महार समाज के गौरवशाली इतिहास, भीमा कोरेगांव, महार रेजिमेंट तथा भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान पर भी प्रकाश डाला।

जिला सचिव जितेंद्र कुमार मेश्राम ने भगवान श्री नारायण देव जी एवं समाज के संत चोखा भगत की जीवनी पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 13वीं-14वीं शताब्दी से महार/महरा समाज भगवान श्री नारायण देव जी को अपने ईष्ट देव के रूप में मानता आ रहा है।

बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित

कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनेश कुमार मेश्राम, अध्यक्ष जिला बालोद छत्तीसगढ़ महार/महरा झरिया (शाखा) समाज ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में नेमसिंह कौशिक, सुनील बंबोड़े, संतराम आसनी, मूलचंद चोपड़िया, कृष्णाराम साहू, गजेंद्र भेड़िया, कौशल कुमार साहू, अश्वन साहू, लोकेश्वरी मेश्राम, पार्वती कामड़े, भीखम मेश्राम, लवन कुंजाम, श्याम कार्तिक साहू, शैलेन्द्र कुमार माहला, खेमराज पुरी गोस्वामी, केदारनाथ, जंगलू राम यादव, मनहरण लाल निर्मलकर, पदुम लाल कौशिक सहित अनेक समाज प्रमुख उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामाजिक एकता तथा संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

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