रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, वन विभाग-पुलिस ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

बालोद, 09 मई 2026। बालोद जिले के वन विभाग परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम जगतरा में तेंदुए के रेस्क्यू अभियान के बीच जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) बालोद श्री नूतन कंवर द्वारा ग्राम जगतरा एवं आसपास के क्षेत्रों में भारतीय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत तत्काल प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, तेंदुए के रेस्क्यू कार्य के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आमजन मौके पर पहुंच रहे थे, जिससे अभियान में कठिनाई उत्पन्न हो रही थी। मानव-वन्यजीव संघर्ष और किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
पांच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक
जारी आदेश के तहत वन्य प्राणी प्रभावित क्षेत्र में पांच या अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही देर रात और सुबह के समय प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है।
फोटो-वीडियो बनाने पर भी मनाही
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि तेंदुए के करीब न जाएं और न ही उसका फोटो या वीडियो बनाएं। वन विभाग की रेस्क्यू टीमों को सहयोग करने तथा भीड़ लगाकर वन्यजीव को उत्तेजित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
खेत, जंगल और सुनसान इलाकों में अकेले जाने पर प्रतिबंध
एसडीएम द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से जंगल, खेत अथवा सुनसान क्षेत्रों में अकेले आवागमन करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही समूह बनाकर वन्य प्राणी की खोज करने अथवा अफवाह फैलाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
वन विभाग और पुलिस के निर्देश मानना अनिवार्य
प्रशासन ने ग्रामीणों से बच्चों एवं पशुओं को अकेला बाहर नहीं छोड़ने की अपील की है। वन्य प्राणी दिखने पर तत्काल वन विभाग हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड प्रक्रिया नियमावली की धारा 188, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
