एक विवाह ऐसा भी: डुडेरा में बच्चों ने कराई गुड्डा-गुड़िया की अनोखी शादी, पूरा गांव बना बाराती



नन्हे बच्चों के आयोजन ने दिया एकता और भाईचारे का संदेश

अर्जुन्दा/बालोद। ग्राम डुडेरा में बच्चों द्वारा आयोजित गुड्डा-गुड़िया का अनोखा विवाह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस अनूठे आयोजन में पूरा गांव बाराती बना और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक शामिल होकर बच्चों का हौसला बढ़ाया।

जानकारी के अनुसार, यह आयोजन अक्षय तृतीया के अवसर पर किया जाना था, लेकिन उस दिन गांव में वास्तविक शादियों एवं अन्य व्यस्तताओं के कारण कार्यक्रम नहीं हो सका। इसके बाद मोहल्ले के बच्चों ने आपसी सहमति से अलग दिन गुड्डा-गुड़िया विवाह का आयोजन करने की योजना बनाई।

बाजे-गाजे और रस्मों के साथ हुआ आयोजन

बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार बाजे-गाजे के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी कीं। आयोजन में गांव की मातृशक्ति एवं बड़े-बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। विवाह समारोह के बाद ग्रामीणों के लिए भोजन व्यवस्था भी की गई।

भाईचारे और एकता का दिया संदेश

बच्चों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य गांव में एकता, प्रेम और भाईचारा बनाए रखना है। आयोजन में गांव के प्रमुखजनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।

इन बच्चों ने निभाई मुख्य भूमिका

इस आयोजन में साक्षी, खुशबू, मीनू, काजल, चांदनी, स्नेहा, इशिका, निधि, रीमा, पल्लवी, भार्गवी, नोमेश, प्रदीप, हीरामणि, सक्षम, रोहन सहित मोहल्ले के अन्य बच्चों और मातृशक्ति का विशेष सहयोग रहा।

ग्रामीणों एवं बुजुर्गों ने बच्चों की इस अनोखी पहल की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि ऐसे आयोजन गांव में सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।

डूंडेरा से छवि लाल कोर्राम की रिपोर्ट

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