“सरपंच और चपरासी एक-दूसरे के पास भेजते हैं, आखिर शिकायत करें तो किससे?” — ग्रामीण
डौंडीलोहारा/बालोद। डौंडीलोहारा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम खामतराई में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। गांव के ग्रामीणों ने पंचायत व्यवस्था पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
ग्रामीण चिम्मन लाल ने बताया कि पंचायत चपरासी यादव राम साहू, जो पानी ऑपरेटर का कार्य भी देख रहे हैं, वे पानी सप्लाई का कोई निश्चित समय नहीं बताते। शिकायत के बाद जब अधिकारी गांव पहुंचते हैं तो उन्हें यह कहकर संतुष्ट कर दिया जाता है कि गांव में पानी की कोई समस्या नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब वे सरपंच के पास शिकायत लेकर जाते हैं तो उन्हें चपरासी के पास भेज दिया जाता है, वहीं चपरासी सरपंच के पास जाने की बात कहता है। इससे गांव के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
निजी बोर से पानी लाने को मजबूर कर्मचारी
स्थिति इतनी खराब है कि गांव की चारों आंगनबाड़ी केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्र में भी नियमित पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां कार्यरत कर्मचारी और सहायिकाएं आसपास के घरों के निजी बोर से पानी लाकर काम चला रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार भाटापारा क्षेत्र में भी पेयजल संकट बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की पेयजल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए और जिम्मेदार कर्मचारियों एवं अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। ग्रामीणों ने गुहार लगाई है कि जल्द समस्या का समाधान हो।
सुशासन तिहार में भी लगा चुके आवेदन
ग्रामीण उदय साहू ने बताया 4 मई को जब पिनकापार गांव में सुशासन तिहार का आयोजन किया गया था वहां उन्होंने स्वयं गांव में पानी की समस्या को लेकर आयोजन दिया था। शिविर के दौरान कलेक्टर सहित आला अधिकारी भी मौजूद थे, इनसे प्रत्यक्ष मिलकर वे अपनी बात रखना चाह रहे थे पर गांव के एक जनप्रतिनिधि ने उन्हें समस्या का समाधान हो गया है कहकर आगे जाने से रोक दिया । ग्रामीणों ने बताया कि एक टंकी के भरोसे गुजारा मुश्किल हो रहा है। इतनी बड़ी बस्ती में अब एक और टंकी की जरूरत महसूस की जा रही है।
