बालोद। जिले के डौण्डीलोहारा ब्लॉक में लंबे समय से चल रही अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बड़ा खुलासा किया है। संगठनों का दावा है कि स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों से लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

निरीक्षण में मिला भारी मात्रा में अवैध लकड़ी का भंडारण
संगठन के पदाधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर किए गए निरीक्षण में विभिन्न प्रजातियों की कटी हुई लकड़ी का बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण पाया गया। साथ ही लकड़ी के परिवहन में उपयोग किए जा रहे वाहन और उपकरण भी मौके पर मिले।
प्रारंभिक जांच में यह गतिविधि संगठित रूप से संचालित होने की आशंका जताई गई है।
मुख्य सरगना फरार, सहयोगियों पर संदेह
मौके पर पूछताछ के दौरान जानकारी सामने आई कि तस्करी में संलिप्त मुख्य सरगना फरार हो गया, जबकि अन्य सहयोगियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
महिलाओं का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बचने की कोशिश
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि लकड़ी की लोडिंग में महिलाओं का उपयोग किया जा रहा था।
संगठनों ने आरोप लगाया कि यह प्रशासनिक कार्रवाई को बाधित करने और दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है, जो महिलाओं के शोषण का गंभीर मामला है।
वन और राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल
इतनी बड़ी मात्रा में अवैध कटाई और भंडारण सामने आने के बाद वन एवं राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
कार्रवाई में शामिल रहे पदाधिकारी

इस दौरान जिला अध्यक्ष खोमन साहू, आईटी सेल प्रभारी इमेश, जितेन्द्र साहू, जेसीपी जिला अध्यक्ष गंगा निषाद, दानी साहू, खंड अध्यक्ष उत्तम यादव, दीपक सहारे, हरिशंकर साहू, ईश्वर सोनी, डी देशमुख सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे।
संगठन की प्रमुख मांगें
- अवैध तस्करी में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी
- फरार मुख्य सरगना की जल्द गिरफ्तारी
- जब्त लकड़ी व वाहनों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
- संबंधित अधिकारियों की उच्च स्तरीय जांच
- भविष्य में रोकथाम के लिए सख्त निगरानी
- महिलाओं के दुरुपयोग पर अलग से कठोर कार्रवाई
👉 फिलहाल मामले की जांच जारी है, अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों पर कब तक सख्त कार्रवाई करता है।
