बालोद। धमनसरा परगना अंतर्गत ग्राम सिंघोला में छत्तीसगढ़ महार/महरा झरिया (शाखा) समाज का प्रदेश स्तरीय वार्षिक अधिवेशन कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चांद ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
मुख्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संतोष अग्रवाल (विधायक प्रतिनिधि), मधुसूदन यादव (महापौर/पूर्व सांसद राजनांदगांव), कोमल राजपूत (भाजपा जिलाध्यक्ष राजनांदगांव), श्रीमती देवकुमारी साहू (जिला पंचायत सदस्य), खुशबू साहू (जनपद सदस्य) एवं मुकेश कुमार साहू (सरपंच, ग्राम पंचायत सिंघोला) सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
साथ ही समाज के प्रमुख पदाधिकारियों में मंतराम राम रायपुरिया, सुनील बंबोड़े (प्रदेश उपाध्यक्ष), नेमसिंह कौशिक (प्रदेश संगठन महामंत्री), पवन खापर्डे (प्रदेश सचिव), किशोर रायपुरिया (प्रदेश सहसचिव), बंटी रामटेके (प्रदेश युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष), डिगेश्वर अंगारे (प्रदेश उपाध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ), संजीव कुमार वर्मा (जिला संगठन मंत्री बालोद), दिनेश कुमार मेश्राम (जिला अध्यक्ष बालोद), संतराम आसनी (जिला उपाध्यक्ष), जितेंद्र कुमार मेश्राम (जिला सचिव), प्रमोद रायपुरिया (कोषाध्यक्ष), कुलेश्वर आसनी (जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ), लक्ष्मीनारायण (उपाध्यक्ष बालोद), शुभम बंबोड़े (जिला अध्यक्ष दुर्ग), रघुवीर रामटेके (जिला अध्यक्ष धमतरी), यादराम पटेल (जिला अध्यक्ष राजनांदगांव) सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।
समाज ने सौंपा ज्ञापन, 5 सीटों पर प्रतिनिधित्व की मांग
अधिवेशन में समाज की ओर से संतोष अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बताया गया कि छत्तीसगढ़ में महार/महरा समाज की संख्या लगभग 14 लाख है, लेकिन विधानसभा की 19 अनुसूचित जाति सीटों में से एक भी सीट समाज को नहीं मिली है।
समाज ने आगामी चुनाव में कम से कम 5 सीटों पर प्रतिनिधित्व देने की मांग की।
अतिथियों और पदाधिकारियों के विचार
मुख्य अतिथि संतोष अग्रवाल ने समाज को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से उठाया जाएगा और समाज को आगे बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष अशोक चांद ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा और आपसी एकता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं पर भी सख्त रुख अपनाने की बात कही।
सामाजिक सुधार और नई पहल पर जोर
अधिवेशन में सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने पर भी जोर दिया गया।
- मृत्यु भोज पर पूर्ण प्रतिबंध
- विवाह में फिजूल खर्च रोकने की अपील
- DJ पर प्रतिबंध
- सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा
साथ ही शासन की आदर्श विवाह योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की गई।
युवा वर्ग और संगठन मजबूती पर फोकस
वक्ताओं ने युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और नशामुक्ति पर विशेष ध्यान देने की बात कही। कार्यक्रम में अभिभाषण के दौरान श्रीमती विमला कामड़े ने वर्तमान स्थिति में विवाह योग्य युवक युवती को सरकारी नौकरी की काल्पनिक सपने में ना रहें और समझदारी से काम ले और अपने समाज के योग्य युवक युवती का चयन कर बेहतर जीवन यापन करें। समय रहते विवाह होने से लड़की और लड़के सुखमय और सार्थक रहता है। जरूरी नहीं है हर लड़का सरकारी नौकरी वाला हो । बढ़ते उम्र और योग्य जीवनसाथी की तलाश में आज समाज के हर वर्ग काफी परेशानियों का सामना कर रहे हैं इन्हें दूर कर आपसी सामंजस्य बनाएं इससे समाज को नया संदेश मिलेगा।
जिला उपाध्यक्ष संतराम आसनी ने समाज में एकता और नई सोच की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं दिनेश कुमार मेश्राम ने बालोद जिले की सक्रिय भूमिका की सराहना की।
संतराम आसनी बालोद जिला उपाध्यक्ष ने अपने भाषण में कहा कि हम सभी मिलकर अपने समाज को जागरूक करें और समाज में रूढ़िवादी परंपराओं को खत्म कर समाज में नई सोच नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़े। विगत 22 वर्षों तक हम जाति प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे थे उन्हें अशोक चांद जी के नेतृत्व में इन सारी जटिल समस्या दूर हुए है।और आज सभी लोगों का जाति प्रमाण पत्र बनाएं जा रहे है। हम संख्यात्मक समाज होकर भी कोई बया, कोई मैथिल क्षत्रिय में बंटे हुए है जबकि बेटी रोटी का संबंध बनाने के लिए एक महार/ महरा बन जाते है और हम सभी के बीच खान पान चल रहा है लेकिन सामाजिक गतिविधि में अपने आप को उच्च जाति समाज मानकर समाज को खंड -खंड में बांटे हुए है जो न्यायसंगत बात नहीं है। इसलिए हमें भारतीय संविधान के अनुसार जो अधिकार मिला है उनका सम्मान कर उनका अनुसरण करें। समाज में नए युवा वर्ग साथियों को समाज के प्रति समर्पण और लगाव होना जरूरी है क्योंकि भविष्य इन्हीं युवाओं के हाथ में है। इस तरह आदरणीय संतराम आसनी जी ने महार/ महरा के गोत्र पर एक अनोखा गीत का रचना कर उन्हें सुनाया गया और इन्हें सुनकर सभा में हर्षौल्लास देखने को मिला । बालोद जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार मेश्राम जी अपने भाषण में कहा कि, बालोद जिला एक सबसे बड़ा परगना वाले और सक्रिय टीम रहा है। जितने भी कार्यक्रम आयोजन करते हैं उनमें बालोद जिला सबसे प्रथम रहा है चाहे वो किसी भी क्षेत्र में क्यों ना हो। हर कार्यक्रम को पूरे तन मन धन से सहयोग करते हुए आया है। आगामी प्रांतीय पदाधिकारीयों का चुनाव 2027 में होने वाला है और यह पुरूर परगना ( परिक्षेत्र) के तत्वाधान में होगा। अपने अभिभाषण के दौरान उन्होंने कहा कि हम युवा साथियों को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं और उन्हें मंच तक उनकी अधिकार दिलाना चाहते हैं। आज समाज में नशापान, और असामाजिक तत्वों के शिकार हो चुके है।जिन्हें वहां से बाहर निकाल समाज में सही दिशा की ओर आगे बढ़ सकें और समाज के प्रति लगाव सेवाभाव और समर्पण हो। इससे समाज में उनका मान सम्मान मिले और समाज को सही दिशा की ओर ले चले । इस तरह से यह कार्यक्रम हर्षौल्लास के साथ मनाया गया।
2027 में चुनाव और अगला अधिवेशन पुरूर में
प्रदेश अध्यक्ष अशोक चांद ने घोषणा की कि प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों का चुनाव 2027 में किया जाएगा और अगला वार्षिक अधिवेशन पुरूर परगना में आयोजित होगा।
👉 यह अधिवेशन समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
(रिपोर्ट: कुलेश्वर कुमार आसनिक)
