
बालोद। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर ग्राम खपरी में आयोजित सुशासन दिवस कार्यक्रम में किसानों की वर्षों पुरानी समस्या जोर-शोर से उठी। ग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच मंजूलता साहू ने बघमरा माइनर से ओरमा माइनर तक नहर किनारे जर्जर मार्ग और किसानों के आवागमन में हो रही परेशानियों को अधिकारियों के सामने गंभीरता से रखा।
🚜 किसानों को आवागमन और फसल परिवहन में भारी दिक्कत
सरपंच द्वारा कलेक्टर कार्यालय बालोद को सौंपे गए आवेदन में बताया गया कि नहर निर्माण के बाद खेतों तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह खराब हो चुका है।
इस कारण किसानों को:
- खेती-किसानी कार्य करने में परेशानी
- ट्रैक्टर और वाहनों के आवागमन में दिक्कत
- फसल को खेत से बाजार तक ले जाने में कठिनाई
जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
📄 आवेदन से उजागर हुई जमीनी हकीकत
आवेदन पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि जल संसाधन विभाग द्वारा अब तक किसानों के लिए कोई व्यवस्थित वैकल्पिक मार्ग विकसित नहीं किया गया है, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
📞 शिकायत के बाद विभाग तुरंत हरकत में
सुशासन दिवस में मुद्दा उठने और आवेदन देने के तुरंत बाद जल संसाधन विभाग सक्रिय हुआ। विभाग की ओर से सरपंच को स्थल निरीक्षण के लिए संपर्क किया गया और जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया।
👩🌾 सरपंच की पहल से बढ़ी उम्मीद
सरपंच मंजूलता साहू की सक्रियता से यह मामला प्रशासन की प्राथमिकता में आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द मार्ग का सुधार कार्य शुरू होता है, तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
👉 ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान जल्द होगा और बघमरा माइनर से ओरमा माइनर तक का मार्ग फिर से सुगम बनाया जाएगा।
