गुण्डरदेही/बालोद। क्षेत्र में मानवता और सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां गौ सेवकों की टीम बीमार, घायल और उपेक्षित गौवंशों का इलाज कर उन्हें नया जीवन देने में जुटी हुई है। सड़कों और गांवों में लावारिस हालत में घूम रहे गौवंशों को देखकर स्थानीय युवाओं ने पहल की और उनके उपचार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई।
🐄 बीमार और घायल गौवंशों की पहचान कर किया जा रहा उपचार
गौ सेवकों की टीम नियमित रूप से ऐसे गौवंशों की पहचान कर रही है, जो बीमारी, कुपोषण या दुर्घटनाओं के कारण पीड़ित हैं। इन पशुओं को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है, साथ ही उन्हें आवश्यक दवाइयाँ और पोषण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
💊 पशु चिकित्सकों का मिल रहा सहयोग

इस सेवा कार्य में स्थानीय पशु चिकित्सकों का भी सहयोग मिल रहा है, जिससे गंभीर रूप से बीमार गौवंशों का बेहतर इलाज संभव हो पा रहा है। समय पर उपचार मिलने से कई गौवंशों की जान बचाई जा चुकी है।
🤝 समाज में बढ़ रही सहभागिता
गौ सेवकों की इस पहल को देखकर ग्रामीणों में भी जागरूकता बढ़ रही है। लोग अब स्वेच्छा से इस अभियान में जुड़कर चारा, दवाइयाँ और आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है।
🌿 पशु संरक्षण का दे रहे संदेश
गौ सेवकों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पशु संरक्षण और संवेदनशीलता का संदेश फैलाना भी है। वे लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि पशु भी हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी देखभाल करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
👉 गुण्डरदेही क्षेत्र में गौ सेवकों की यह निस्वार्थ सेवा न सिर्फ गौवंशों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है, बल्कि समाज में मानवता और संवेदनशीलता का मजबूत संदेश भी दे रही है।
✍️ गुण्डरदेही से प्रेम प्रकाश साहू की रिपोर्ट
