बालोद। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने 8वें वेतन आयोग को लेकर अपनी मांगें तेज कर दी हैं। फेडरेशन ने केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार से भी समान वेतन और पेंशन लाभ लागू करने की मांग करते हुए विस्तृत सुझाव भेजे हैं।
📢 “मुद्रास्फीति समान, तो लाभ भी समान हों”
फेडरेशन के जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू ने कहा कि
“केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई (Inflation) एक समान है, इसलिए वेतन और पेंशन लाभ भी समान होना चाहिए।”
वहीं प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए राज्य में भी केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने पर जोर दिया।
🏛️ 8वां वेतन आयोग: 2026 से लागू होने की उम्मीद
बताया गया कि नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया गया था, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई कर रही हैं।
इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी उम्मीदें हैं।
💰 वेतन में बड़ा इजाफा संभव
फेडरेशन ने सुझाव दिया है कि—
- फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 या 3.83 किया जाए
- इससे न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 हो सकता है
साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि उच्च पदों पर संविदा भर्ती के बजाय पदोन्नति या सीधी भर्ती की जाए।
📊 महंगाई भत्ता और वेतन गणना पर सुझाव
- वर्तमान 60% DA में से 50% को मूल वेतन में मर्ज किया जाए
- जब तक अंतिम निर्णय न हो, तब तक अंतरिम राहत (Interim Relief) दी जाए
- एरियर्स भुगतान की स्पष्ट व्यवस्था की जाए
📈 वार्षिक वेतन वृद्धि बढ़ाने की मांग
फेडरेशन ने
- 3% वार्षिक इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6% करने का सुझाव दिया
ताकि महंगाई के अनुरूप वेतन संतुलित रह सके।
🧾 पेंशन और अन्य प्रमुख मांगें
- NPS हटाकर OPS लागू करने की मांग
- न्यूनतम पेंशन ₹9000 से बढ़ाने का प्रस्ताव
- HRA बढ़ाकर: Z-30%, Y-35%, X-40%
- ₹2000 मासिक इंटरनेट भत्ता
- सेवा काल में कम से कम 3 प्रमोशन
- सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने का सुझाव
- ग्रेच्युटी सीमा ₹50 लाख करने की मांग
👥 इन पदाधिकारियों ने दी जानकारी
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू, जिला सचिव गिरीश देवांगन, डौंडी लोहारा ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम सिंह कोलियारे, तहसील अध्यक्ष मनसुखदास साहू, तहसील सचिव भूधर जोशी एवं गुण्डरदेही ब्लॉक अध्यक्ष इंद्रजीत बनपाल ने संयुक्त रूप से बताया कि ये सुझाव कर्मचारियों के हित में बेहद जरूरी हैं।
👉 फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि केंद्र की सिफारिशें राज्य में लागू होती हैं, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।
