बालोद। भीषण गर्मी के बीच जहां एक ओर लोगों को ठंडे पानी की सख्त जरूरत महसूस हो रही है, वहीं ग्राम पंचायत दुधली (मालीघोरी) में एक अहम प्याऊ सेवा बंद हो जाने से राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
💧 वर्षों से चल रही थी निशुल्क प्याऊ सेवा
जानकारी के अनुसार, मानव उत्थान सेवा समिति, शाखा खपरी मालीघोरी द्वारा बस स्टैंड मालीघोरी में विगत कई वर्षों से निशुल्क धर्मार्थ प्याऊ का संचालन किया जा रहा था। इस प्याऊ से राहगीर, दुकानदार और ग्राहक गर्मी में ठंडा पानी पीकर राहत महसूस करते थे।
⚠️ नल कनेक्शन काटने से सेवा ठप
बताया जा रहा है कि वार्ड क्रमांक 12 के पंच आरती भट्ट एवं कुछ अन्य लोगों द्वारा इस प्याऊ के नल कनेक्शन को “अवैध” बताते हुए कटवा दिया गया। इसके चलते अब प्याऊ पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
🥵 गर्मी में पानी बना ‘अमृत’, गरीबों पर सबसे ज्यादा असर
इन दिनों तापमान इतना बढ़ चुका है कि घर से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में राह चलते किसी व्यक्ति को एक गिलास ठंडा पानी मिल जाना किसी अमृत से कम नहीं होता।
स्थानीय लोगों का कहना है—
- पैसे वाले लोग तो बोतलबंद पानी खरीद लेते हैं,
- लेकिन गरीब मजदूरों के लिए पानी खरीदना संभव नहीं होता
ऐसे में प्याऊ बंद होने से सबसे ज्यादा असर गरीब और जरूरतमंद लोगों पर पड़ रहा है।
📢 कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद स्थिति विपरीत
अक्सर गर्मी के मौसम में प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों को प्याऊ संचालित करने के निर्देश दिए जाते हैं, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके। लेकिन यहां पहले से संचालित प्याऊ को ही बंद कर दिया गया, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
📝 ग्रामीण ने की कनेक्शन जोड़ने की मांग

इस मामले में खूबलाल भट्ट (निवासी, वार्ड 12, ग्राम पंचायत दुधली-मालीघोरी) ने सरपंच को आवेदन देकर प्याऊ का नल कनेक्शन पुनः जोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सेवा जनहित से जुड़ी है और इसे तत्काल शुरू किया जाना चाहिए।
❗ जनहित का मुद्दा बना प्याऊ
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में प्याऊ जैसी सुविधा बंद होना मानवता के खिलाफ है। लोगों ने पंचायत से मांग की है कि जल्द से जल्द कनेक्शन जोड़कर प्याऊ सेवा पुनः शुरू की जाए, ताकि राहगीरों और आमजन को राहत मिल सके।
👉 अब देखना होगा कि पंचायत इस जनहित के मुद्दे पर कितनी गंभीरता दिखाती है और कब तक लोगों को राहत मिल पाती है।
