“गायत्री परिवार का 5 दिवसीय युवा व्यक्तित्व निर्माण शिविर शुरू: 50 युवाओं को मिल रहा संस्कार और नेतृत्व का प्रशिक्षण”



बालोद। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में 4 मई से 8 मई तक आयोजित पांच दिवसीय आवासीय व्यक्तित्व निर्माण युवा शिविर का शुभारंभ मां गायत्री एवं देव पूजन के साथ हुआ। इस शिविर में युवाओं के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को निखारने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ प्रज्ञापुत्र रंजन लाल गुरुपंच रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गायत्री परिवार ब्लॉक समन्वयक भोलाराम साहू ने की। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में ट्रस्टी लुनकरण ठाकुर, प्रशिक्षक टोली प्रमुख कुलदीप कृष्ण भारती, डागेश्वर साहू, भेमेश्वरी साहू और सुमन साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल 50 शिविरार्थियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।


🗣️ युवाओं को तराशने का मंच—भोलाराम साहू

समन्वयक भोलाराम साहू ने कहा कि जिस प्रकार हीरे की पहचान जौहरी ही कर सकता है, उसी तरह युवाओं की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सही दिशा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस शिविर के माध्यम से युवाओं के भीतर छुपी प्रतिभा, कौशल और शक्ति को निखारने का प्रयास किया जा रहा है।


🔥 “युवा ही परिवर्तन की नींव”—लुनकरण ठाकुर

ट्रस्टी लुनकरण ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि युवाओं की दिशा सही हो, तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत बनते हैं।


📚 शिविर में प्रशिक्षण सत्रों की शुरुआत

कार्यक्रम का संचालन मिलन सिन्हा ने किया, जबकि वीरेन्द्र कुमार बघेल ने आभार प्रदर्शन किया।
शिविर के पहले दिन—

  • अनुशासन गोष्ठी
  • टोलियों का निर्माण

का कार्य संपन्न हुआ। इसके बाद द्वितीय सत्र में “सफलता के सूत्र” विषय पर सुमन साहू ने प्रेरणादायक कक्षा ली।


🤝 इनका रहा विशेष सहयोग

इस आयोजन को सफल बनाने में कैलाश साहू, तुलसी साहू, रेखा साहू, सावित्री कंवर, अशोक साहू, कमलेश देशमुख, दुष्यंत कोलियारे, दारा सिंह भौसार्य, पुराणिक सोरी, पीलूराम साहू, विशम्बर बघमरिया, कौशिल्या बघमरिया, झमुना साहू, परमेश्वर जमडार सहित गायत्री परिवार के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।


👉 यह शिविर युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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