बालोद। जिले में तेंदूपत्ता परिवहन में अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ताज़ा कार्रवाई में परिवहन अनुमति (TP) से अधिक मात्रा में तेंदूपत्ता ले जाते पाए जाने पर विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए माल और वाहनों को जब्त कर लिया है।
🚫 TP से अधिक मिला स्टॉक, मौके पर कार्रवाई
नियमित जांच के दौरान वन विभाग की टीम ने पाया कि कुछ वाहनों में ट्रांसपोर्ट परमिट (TP) में दर्ज मात्रा से अधिक तेंदूपत्ता लोड किया गया था। इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए बालोद के DFO अभिषेक अग्रवाल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
🚔 वाहन और तेंदूपत्ता जब्त
DFO के निर्देश पर संबंधित वाहनों को रोककर उनमें लदे तेंदूपत्ता की गिनती की गई, जिसमें बड़ी गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद तुरंत माल और वाहन जब्त कर लिए गए।
⚠️ DFO का सख्त संदेश
DFO अभिषेक अग्रवाल ने स्पष्ट कहा है कि
“परिवहन नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या हेरफेर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
🔍 चेकपोस्ट पर बढ़ाई गई निगरानी
वन विभाग की टीम को निर्देश दिए गए हैं कि—
- सभी प्रमुख मार्गों और चेकपोस्ट पर निगरानी बढ़ाई जाए
- TP और वास्तविक स्टॉक का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाए
- संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जाए
🌿 “हरा सोना” है तेंदूपत्ता
गौरतलब है कि तेंदूपत्ता को “हरा सोना” कहा जाता है और इसका परिवहन छत्तीसगढ़ वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम के तहत नियंत्रित किया जाता है।
👉 वन विभाग की इस सख्ती से स्पष्ट है कि अब नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
