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“घर के सामने 1985 से लगा ट्रांसफार्मर बना खतरा: एक मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, ग्रामीणों में आक्रोश”

बालोद/गुण्डरदेही। विकासखंड गुण्डरदेही के ग्राम भरदा कला पंचायत से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक परिवार पिछले कई वर्षों से घर के सामने लगे ट्रांसफार्मर और बिजली पोल के कारण जान का जोखिम उठाने को मजबूर है।


⚠️ 1985 से घर के सामने खड़ा खतरा

ग्राम निवासी संतोष कुमार लहरे (पिता स्व. जाम दास लहरे) के पैतृक घर के सामने वर्ष 1985 से विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर अव्यवस्थित स्थिति में लगा हुआ है। परिवार का कहना है कि यह ट्रांसफार्मर लगातार खतरा बना हुआ है।


पहले भी जा चुकी है जान

बताया जा रहा है कि संतोष लहरे के दादा समारू राम लहरे की इसी ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। इसके अलावा भी कई बार छोटे-मोटे हादसे होते रहे हैं, जिससे परिवार और आसपास के लोग हमेशा डर के साए में जी रहे हैं।


📄 कई बार की शिकायत, लेकिन नहीं हुआ समाधान

परिवार द्वारा इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है।

  • कलेक्टर, विधायक, सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तक को पत्र भेजा गया
  • वर्ष 2018 में कनिष्ठ अभियंता को आवेदन दिया गया
  • हाल ही में जनसमस्या निवारण शिविर में भी शिकायत दर्ज कराई गई

इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।


💰 हटाने के लिए मांगे जा रहे पैसे

परिवार का आरोप है कि विभाग की ओर से कहा जाता है कि यदि ट्रांसफार्मर हटवाना है तो ₹75,000 जमा करना होगा, जिसके कारण वे आर्थिक रूप से मजबूर होकर खतरा झेलने को विवश हैं।


📑 “जगह नहीं है” बताकर टाला गया मामला

वर्ष 2023 में “समाधान तुंहर द्वार” कार्यक्रम में आवेदन देने पर विभाग की ओर से पत्र जारी कर बताया गया कि कनिष्ठ यंत्री अर्जुन्दा द्वारा सर्वे में पाया गया कि ट्रांसफार्मर हटाने के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे वर्तमान स्थान पर ही रखा जाएगा।
साथ ही यह भी कहा गया कि यदि अन्य स्थान उपलब्ध कराया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी।

सरपंच ने कहा : पंचायत जगह देने को तैयार, विभाग अपना काम करे

इस संबंध में सरपंच क्रांति भूषण साहू ने बताया कि उपभोक्ता विद्युत विभाग से लाइन की मांग करता है।विद्युत विभाग आवश्यकता अनुसार लोड कंजम्पशन के लिए ट्रांसफार्मर लगाता है। 40 साल पहले घर वाले चुप चाप रहे लेकिन आज की परिस्थिति में ट्रांसफार्मर को हटाना अत्यंत आवश्यक है । शिफ्टिंग के नाम पर विद्युत विभाग बेवकूफ बना रहा है। पोल शिफ्टिंग के लिए डिमांड पटाने बोलते समझ आता लेकिन ट्रांसफार्मर के लिए डिमांड करना अनुचित है। ग्राम पंचायत जगह उपलब्ध कराने को तैयार है।


🤝 ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा की मांग

इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि जब पहले ही एक जान जा चुकी है, तब भी प्रशासन गंभीर नहीं है, जो चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।


👉 यह मामला न सिर्फ एक परिवार की परेशानी, बल्कि पूरे गांव की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत है।

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