बालोद। छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेताओं ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि आज खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सम्मान, रोजगार और उज्ज्वल भविष्य का मजबूत माध्यम बन चुके हैं। बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक तथा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों से प्रदेश के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।
नगर पंचायत डौंडी लोहारा अध्यक्ष कुँवर लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम ने कहा कि ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजन गांव-गांव के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक समरसता का भी विकास करते हैं।
भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष गुलशन साहू ने कहा कि आज खेलों में करियर की असीम संभावनाएं हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। राज्य सरकार खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण, पुरस्कार और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं संचालित कर रही है, जिससे युवाओं का भविष्य और अधिक उज्ज्वल हो रहा है। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनाने और अपनी प्रतिभा को पहचानने का आह्वान किया।
भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सौरभ जैन ने कहा कि यदि आज का युवा खेल मैदानों से जुड़ेगा तो वह शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक सशक्त बनेगा। खेल युवाओं को संघर्ष करना, टीम भावना के साथ कार्य करना तथा हर परिस्थिति में आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने युवाओं से मोबाइल और सोशल मीडिया पर समय व्यर्थ करने के बजाय खेल मैदानों में अधिक समय देने की अपील करते हुए कहा कि यहीं से भविष्य के चैंपियन तैयार होते हैं।
भाजपा युवा मोर्चा जिला मीडिया प्रभारी अभिन्न यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। गुंडाधुर सम्मान, महाराज प्रवीरचंद भंजदेव पुरस्कार, खेल प्रोत्साहन योजनाएं तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव सहित प्रदेश के खिलाड़ियों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि छत्तीसगढ़ प्रतिभाओं की धरती है।
चारों युवा नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। पढ़ाई और खेल दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। स्वस्थ शरीर, अनुशासित जीवन और सकारात्मक सोच के साथ ही युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजन छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होंगे और प्रदेश का नाम पूरे देश में गौरवान्वित करेंगे।












