छत्तीसगढ़ विकलांग मंच ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, दिव्यांग अधिकारों की लड़ाई में उनके योगदान को किया याद
बालोद। बालोद जिले के खपरी निवासी एवं दिव्यांग अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता दल्लू सोनवानी के 31 जुलाई 2026 को हुए आकस्मिक निधन पर छत्तीसगढ़ विकलांग मंच ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मंच ने उनके निधन को बालोद जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के दिव्यांग आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
छत्तीसगढ़ विकलांग मंच द्वारा जारी शोक संदेश में कहा गया कि दल्लू सोनवानी ने अपने जीवनभर दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक उत्थान के लिए निष्ठा, समर्पण और सेवाभाव के साथ कार्य किया। उनका सरल, सहज एवं सहयोगी व्यक्तित्व सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत था। उन्होंने अनेक दिव्यांगजनों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रदेशभर के दिव्यांग साथियों ने जताया शोक
छत्तीसगढ़ विकलांग मंच के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर छाटा तथा छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड, छत्तीसगढ़ शासन के सदस्य अरविंद शर्मा ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
समाज सेवा की कमी हमेशा महसूस होगी
मंच ने कहा कि इस दुःखद घड़ी में छत्तीसगढ़ विकलांग मंच का पूरा परिवार, बालोद जिले के सभी दिव्यांग साथी, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं। दल्लू सोनवानी का समाज और दिव्यांगजनों के हित में किया गया कार्य सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
ॐ शांति। शत्-शत् नमन।












