“सुशासन तिहार में न्याय की गुहार: पिता ने अफसरों को सौंपा आवेदन, 45 दिन बाद भी लिलेश्वरी साहू की मौत का नहीं खुला राज”



बालोद/गुण्डरदेही। ग्राम चीचा में 19 मार्च 2026 को हुई लिलेश्वरी साहू की संदिग्ध मौत का मामला अब सुशासन तिहार में पहुंच गया है। मृतका के पिता गंगदेव साहू ने सुशासन तिहार के दौरान कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है।

घटना के 45 दिन बीत जाने के बाद भी जांच में कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आने से परिजन गहरे सदमे में हैं और लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।


⚠️ शादी से पहले टूटा परिवार का सपना

परिजनों के अनुसार, लिलेश्वरी की शादी तय थी—

  • 31 मार्च को सगाई
  • 1 अप्रैल से शादी की शुरुआत
  • 2 अप्रैल को बारात आनी थी

शादी के कार्ड छप चुके थे, लेकिन इससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई, जिससे पूरा परिवार टूट गया।


🔍 घटनास्थल से मिले कई संदिग्ध संकेत

परिजनों ने आवेदन में कई गंभीर बिंदु उठाए हैं—

  • घटनास्थल पर मोबाइल टूटा हुआ मिला, सिम गायब था
  • शव का ऊपरी हिस्सा जला हुआ मिला, जिससे पहचान छुपाने की आशंका
  • पैरों में खून के निशान, जिससे संघर्ष की संभावना
  • डॉग स्क्वाड बार-बार एक राइस मिल की ओर गया
  • घटना के समय संबंधित राइस मिल का सीसीटीवी बंद होना

इन सभी तथ्यों को परिजन किसी बड़ी साजिश से जोड़कर देख रहे हैं।


परिजनों के सवाल—अब तक क्यों नहीं मिला जवाब?

मृतका के पिता गंगदेव साहू का कहना है कि—

  • यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मौत हत्या है या हादसा
  • यदि हत्या है तो आरोपी अब तक क्यों नहीं पकड़े गए
  • जांच की कोई ठोस जानकारी परिवार को नहीं दी गई

🏛️ सुशासन तिहार में न्याय की उम्मीद

परिजन अब सुशासन तिहार के मंच पर पहुंचे हैं, जहां उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि—

  • मामले की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए
  • दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए
  • जांच की पूरी जानकारी परिवार को उपलब्ध कराई जाए

🤔 जांच पर उठ रहे सवाल

घटना के इतने दिन बाद भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।


👉 परिजनों की एक ही मांग—“हमें हमारी बेटी की मौत का सच जानना है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”

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