दल्ली राजहरा में दूषित पानी से ग्रामीण परेशान, स्वच्छ पेयजल की मांग को लेकर प्रदर्शन



नालों में लाल मिट्टी युक्त गंदा पानी आने से वार्डवासियों में आक्रोश

दल्ली राजहरा/बालोद। दल्ली राजहरा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14, 15, 16 एवं 17 में लंबे समय से नालों में गंदा एवं लाल मिट्टी युक्त पानी आने की समस्या से ग्रामीण और वार्डवासी परेशान हैं। समस्या के निराकरण को लेकर कई बार अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने “नाला बचाओ”, “लाल मिट्टी से बचाओ” एवं “दूषित पानी बंद करो” जैसे नारे लगाए और पोस्टर के माध्यम से अपनी पीड़ा जाहिर की।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बहने वाला पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है, जिससे दैनिक उपयोग के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को इसी दूषित पानी का उपयोग करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले एक वर्ष से लगातार लाल पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। वहीं पर्यावरण प्रेमी चेतन सिन्हा ने कहा कि नालों के लगातार प्रदूषित होने से भविष्य में जल स्रोत पूरी तरह समाप्त होने का खतरा पैदा हो गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से की ये प्रमुख मांगें

  • दूषित पानी की तत्काल जांच कराई जाए
  • स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए
  • प्रदूषण फैलाने के कारणों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो
  • गांव एवं वार्डों में स्थायी जल शुद्धिकरण और जल संरक्षण की व्यवस्था बनाई जाए

प्रदर्शन में वार्ड पार्षद रेखा सहारे, वीरेंद्र सिंह, सुमित्रा लता राजकुमार, चेतन सिन्हा, यशवंत साहिल, लव, राजू कमल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं छोटे बच्चे शामिल हुए। सभी ने भविष्य में विलुप्त होते नालों और जल स्रोतों को लेकर चिंता व्यक्त की।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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