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प्राचार्यों के निलंबन पर भड़का शिक्षक फेडरेशन, आदेश निरस्त करने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

8 प्राचार्यों के निलंबन और 14 की वेतनवृद्धि रोकने पर जताया कड़ा विरोध

बालोद। जिले में 8 प्राचार्यों के निलंबन एवं 14 प्राचार्यों की वेतनवृद्धि रोके जाने के आदेश के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन जिला इकाई बालोद ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई निरस्त करने की मांग की है। शिक्षक फेडरेशन ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध बताया है।

“परीक्षाफल के लिए सिर्फ प्राचार्य जिम्मेदार नहीं”

फेडरेशन के प्रांत अध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रांत उपाध्यक्ष चन्द्रभान निर्मलकर, महामंत्री राकेश कुमार साहू, जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू, संयुक्त सचिव नरोत्तम मामले एवं जिला सचिव गिरीश देवांगन ने कहा कि पिछले वर्ष और इस वर्ष के परीक्षा परिणामों के तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर सीधे निलंबन और वेतनवृद्धि रोकना न्यायसंगत नहीं है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम के लिए केवल प्राचार्य को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। परीक्षाफल विद्यार्थियों के अध्ययन स्तर, स्व-अध्ययन और लेखन क्षमता पर भी निर्भर करता है।

“प्राचार्यों को पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया”

जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू ने कहा कि शिक्षक और प्राचार्य पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हैं तथा हर विद्यालय अपने परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने का प्रयास करता है। इसके बावजूद संबंधित प्राचार्यों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना कार्रवाई कर दी गई।

फेडरेशन नेताओं ने कहा कि यह एकतरफा कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

“नियमों के विरुद्ध की गई कार्रवाई”

प्रांत अध्यक्ष राजेश चटर्जी ने बताया कि भर्ती एवं पदोन्नति नियम 5 मार्च 2019 तथा छत्तीसगढ़ राजपत्र 13 फरवरी 2026 के अनुसार नियुक्ति प्राधिकारी स्कूल शिक्षा विभाग है।

वहीं प्रांत उपाध्यक्ष चन्द्रभान निर्मलकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1966 के नियम 9 के तहत गंभीर कदाचार, भ्रष्टाचार या दांडिक अपराध की स्थिति में निलंबन की कार्रवाई की जाती है, जबकि परीक्षा परिणाम इस श्रेणी में नहीं आता।

आदेश निरस्त करने की मांग

शिक्षक फेडरेशन ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि प्राचार्यों के निलंबन एवं वेतनवृद्धि रोके जाने के आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत अध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रांत उपाध्यक्ष चन्द्रभान निर्मलकर, महामंत्री राकेश साहू, जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू, नरोत्तम मामले, गिरीश कुमार देवांगन, मनसुखदास साहू, भुधर दास जोशी, राजकुमार उर्वशा, अशोक कुमार साहू, महेश कुमार निर्मल, केजूराम मुख्य, इन्द्रजीत बनपाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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