बालोद। वनांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा की अलख जगा रहे शहीद गैंद सिंह नायक शासकीय महाविद्यालय मंगचुआ में अपर संचालक, उच्च शिक्षा विभाग दुर्ग संभाग डॉ. अनुपमा अस्थाना के सम्मान समारोह एवं महाविद्यालय की प्रथम पत्रिका “अमृता” रजत जयंती विशेषांक के विमोचन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री गिरीश कश्यप ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती पूजन, दीप प्रज्वलन एवं वृक्षारोपण के साथ हुआ। इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्यगीत “अरपा पैरी के धार” की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. अनुपमा अस्थाना (अपर संचालक, उच्च शिक्षा विभाग, दुर्ग संभाग) की सादगी, आत्मविश्वास एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व ने सभी को प्रभावित किया। उनके आगमन से महाविद्यालय परिसर में उत्साह और प्रेरणा का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री सुमित अग्रवाल (सहायक संचालक, उच्च शिक्षा विभाग) एवं श्री पूनम चंद जैन (जनभागीदारी अध्यक्ष) उपस्थित रहे। अतिथियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप स्वागत किया गया।
महाविद्यालय की उपलब्धियों पर डाला गया प्रकाश
प्राचार्य डॉ. अमृता कस्तुरे ने स्वागत उद्बोधन देते हुए महाविद्यालय में संचालित शैक्षणिक, कौशल विकास एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने “अमृता” रजत जयंती विशेषांक के प्रथम प्रकाशन को महाविद्यालय की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
आइक्यूएसी संयोजक श्री एस.डी. मरावी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जबकि पत्रिका संपादक श्री शशि कुमार बंजारे ने पत्रिका की विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
“मॉडल कॉलेज” बनने की क्षमता रखता है महाविद्यालय
विशिष्ट अतिथि श्री पूनम चंद जैन ने महाविद्यालय को वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी सराहना की। वहीं श्री सुमित अग्रवाल ने सीमित संसाधनों के बावजूद महाविद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण और भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए इसे भविष्य में “मॉडल कॉलेज” के रूप में विकसित किए जाने की संभावना व्यक्त की।
डॉ. अनुपमा अस्थाना ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
मुख्य अतिथि डॉ. अनुपमा अस्थाना ने महाविद्यालय परिवार एवं पत्रिका संपादकीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी संस्था की सफलता सामूहिक प्रयास और टीमवर्क से संभव होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक एवं सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी।
उन्होंने रसायनशास्त्र विभाग में असाइनमेंट कार्य हेतु महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यशाला का अवलोकन किया तथा छात्र-छात्राओं द्वारा निर्मित काष्ठशिल्प एवं मटपरई शिल्प की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, कौशल और नवाचार को महाविद्यालय की विशेष उपलब्धि बताया।
छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत की स्वरचित कविताएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा “अमृता” रजत जयंती विशेषांक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर बी.ए. चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा प्रतिमा तथा बी.कॉम तृतीय वर्ष के छात्र जयंत ने पत्रिका में प्रकाशित अपनी स्वरचित कविताओं का भावपूर्ण पाठ किया, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने खूब सराहा।
अंत में अतिथियों का शाल, महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित मोमेंटो एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन श्री डी.के. मस्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस अवसर पर श्री पी.एस. चुरेन्द्र, डॉ. डी.के. मस्ता, श्री एस.डी. मरावी, श्री एस.पी. नायक, डॉ. रश्मि इंगले, श्री शशि कुमार बंजारे, श्री कमलेश सोनकर, श्रीमती नमिता साहू, श्री गिरीश कश्यप, कु. प्रियांशी कुर्रे, श्री रोम प्रकाश मांडे, कु. बरखा यादव सहित महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रेंगाडबरी से नेमन साहू की रिपोर्ट
