DAILY BALOD NEWS

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“हां मैंने सूरज को डूबते देखा है” रचना:कुमारी मौली साहू क्लास दसवी नर्मदा धाम सुरसुली

हां मैंने सूरज को डुबते देखा हैंतलाब मे खिले उन कमलों को सिकुड़ते देखा है ,चड़िया को अपने घोंसला कि…

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14 सितम्बर 1949″हमारा हिंदी दिवस

हिंदी हमारी है स्वराष्ट्र भाषा,परिष्कृत भावों का संसार है।होते विचारों का आदान प्रदान,विभिन्न बोलियों का आधार है।ऋषि मुनियों का है…

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पोरा तिहार,लेख- नागेश कुमार वर्मा,टिकरापारा रायपुर

हमर संस्कारधानी छत्तीसगढ़ जेकर भुइयाँ ह किसम-किसम के तीज-तिहार ले हरियर हावय।इहाँ के जम्मो तिहार के अपन बिसेस महत्ता हावय।…

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हां मैंने सूरज को डुबते देखा हैं तलाब मे खिले उन कमलों को सिकुड़ते देखा है ,

हां मैंने सूरज को डुबते देखा हैंतलाब मे खिले उन कमलों को सिकुड़ते देखा है ,चड़िया को अपने घोंसला कि…

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लेख: शान्ति व सदभावना हमेशा कायम रहे स्वतंत्र भारत में : बिजेंद्र सिन्हा दुर्ग

हमारा देश स्वतंत्रता के 78 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह बेहतर भारत की संकल्पना को सामने लाने…

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अइसन तीज-तिहार रचना: प्रेम कुमार रावत बलोदा बाजार (भाटापारा )

नांगर ढीला गे बइला धोवा गेघर डाहर रेंगे किसान जी सुमरन करे माटी महतारी केधरथे देवी देवता के ध्यान जी…

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