बालोद। दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए आंदोलन के दौरान हिंदू देवी-देवताओं, भारतीय सेना और प्रधानमंत्री की माताजी के संबंध में कथित अभद्र टिप्पणी एवं गाली-गलौज किए जाने के मामले में उचित कार्रवाई की मांग को लेकर शिवसेना छत्तीसगढ़ द्वारा 22 अगस्त 2026 को रायपुर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की जानकारी दी गई है।
इसी संबंध में बालोद जिला शिवसेना पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर संबंधित मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
यह ज्ञापन प्रदेश प्रमुख शिवसेना छत्तीसगढ़ धनंजय सिंह परिहार के आदेशानुसार तथा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी बालोद डॉ. संजीव कुमार, प्रदेश संगठन मंत्री मनीष तिवारी एवं जिला संगठन सचिव बलवीर यादव के नेतृत्व में सौंपा गया।
22 अगस्त को रायपुर में एक दिवसीय धरना
शिवसेना पदाधिकारियों ने बताया कि इस मामले को लेकर शनिवार, 22 अगस्त 2026 को दोपहर 11 बजे राजधानी रायपुर के जंतर-मंतर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। संगठन का उद्देश्य कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के संबंध में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की मांग को शासन-प्रशासन के समक्ष रखना है।
शिवसैनिकों ने कार्रवाई की मांग उठाई

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आस्था, देश की सेना एवं संवैधानिक पदों से जुड़े व्यक्तियों के प्रति कथित अपमानजनक भाषा के मामलों में कानून के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर बोधन भट्ट, प्रतीक जैन, जयवीर यादव, हितेश्वर मंडले, कृष्ण यादव, तुषार देवांगन, व्यासनारायण, सुधीर यादव, मोनिका साहू, मीरा बाई सोनकर, संतोषी साहू सहित शिवसैनिक उपस्थित रहे।










