‘बीज से वृक्ष, वृक्ष से जीवन’ का संदेश लेकर छात्रों ने सीखा हरियाली बढ़ाने का आसान तरीका
बालोद। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय दुधली, जिला बालोद में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से सीडबॉल निर्माण एवं बीजरोपण कार्यशाला का आयोजन किया गया। पर्यावरण गतिविधि एवं संरक्षण टीम, जिला बालोद के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के 435 भैया-बहनों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:30 बजे भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री देव कुमार देवांगन, अध्यक्ष श्रीमती डी.एन. यादव, विशेष अतिथि श्री प्रहलाद साहू, भूपेंद्र कुमार धनकर तथा संवाददाता दीपक यादव उपस्थित रहे। कार्यशाला में प्रशिक्षक विनोद कुमार साहू एवं कमलकांत साहू सहित पर्यावरण गतिविधि के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को सीडबॉल निर्माण एवं बीजरोपण की जानकारी दी।
प्रकृति को बचाना मानवता को बचाना है
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रीमती डी.एन. यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल कोई विषय या अभियान नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की मूल आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति सम्मान की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पृथ्वी, जल, वन, नदियां और पर्वत केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन के आधार हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा विकास जो प्रकृति को नुकसान पहुंचाकर हो, भविष्य के लिए टिकाऊ नहीं हो सकता।
सीडबॉल से बढ़ेगी हरियाली
मुख्य अतिथि श्री देव कुमार देवांगन ने पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न उपायों की जानकारी देते हुए सीडबॉल निर्माण एवं बीजरोपण, वृक्षारोपण, जलस्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण, जल का संयमित उपयोग तथा प्लास्टिक के कम से कम प्रयोग पर जोर दिया।
विशेष अतिथि श्री प्रहलाद साहू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए इसे जन-आंदोलन का रूप देना जरूरी है। उन्होंने परिवार के प्रत्येक सदस्य को सीडबॉल बनाने और पौधे लगाने से जोड़ने का सुझाव देते हुए कहा कि परिवार मिलकर ‘स्मृति वृक्ष’ या ‘पारिवारिक वाटिका’ तैयार कर सकते हैं।
पौधे लगाना ही नहीं, उनकी सुरक्षा भी जरूरी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि पेड़ ऑक्सीजन प्रदान करने, धूल एवं हानिकारक गैसों को कम करने, मिट्टी के कटाव को रोकने और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही पौधारोपण के बाद उनकी नियमित देखभाल एवं सुरक्षा को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया गया।
NSPC-2026 की भी दी जानकारी
कार्यक्रम के अंत में संजय कुमार साहू ने विद्यार्थियों को नेशनल स्टूडेंट पर्यावरण प्रतियोगिता (NSPC-2026) के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण आधारित प्रतियोगिता है, जो 15 जुलाई से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में कमलकांत साहू, जिला संयोजक पर्यावरण गतिविधि; संजय साहू, जिला सह संयोजक; छविलाल कोराम, जल आयाम जिला संयोजक; कादम्बिनी यादव, व्याख्याता पर्यावरण गतिविधि शैक्षिक संस्थान सहित पर्यावरण गतिविधि के कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं विद्यालय के समस्त स्टाफ ने सहयोग किया।
विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों मिलन सिंह सिन्हा, पद्मा चंद्राकर, कांती टांडिया, रामनारायण राणा, वर्षा रानी देवांगन, प्रेमसिंह साहू, निर्मला कोमिया, विजयलक्ष्मी ठाकुर, रेखा ठाकुर, वीर सिंह ठाकुर, निधिनंद, चित्रा साहू, प्रीति भीमटे, जोहरलाल बढ़ई, छविलाल जांगड़े, सुनील कुमार देशलहरे, रेखलाल भोसले, छविता रात्रे, टिकेश्वर कोठारी, शंकरदयाल बघेल, सुमन वर्मा, गरिमा, भेदबती तारम, कुमारी बाई सहित समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, पर्यावरण गतिविधि के कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की सुरक्षा करने का संकल्प लिया।












