DARSHAN BALOD NEWS

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180 सप्ताह से जारी ‘स्वच्छ धरा’ का संकल्प: पौधारोपण से सफाई तक, शहर-गांवों में चला पर्यावरण जागरूकता अभियान

महादेव घाट से बालोद तक स्वच्छता और हरियाली का संदेश; दुर्लभ देशी पौधों का रोपण, गाजर घास उन्मूलन और जल संरक्षण के लिए लोगों को किया जागरूक

बालोद/भिलाई/रायपुर। “हरा-भरा, स्वच्छ धरा” के उद्देश्य को लेकर स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ द्वारा लगातार 180वें जागरूकता सप्ताह के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर व्यापक पौधारोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण एवं गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाया गया। संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में समिति के सदस्यों ने मंदिरों, नदी घाटों, मैदानों एवं सार्वजनिक स्थलों की सफाई कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

महादेव घाट में दुर्लभ देशी पौधों का रोपण

रायपुर के महादेव घाट में समिति के सक्रिय सदस्य शंकर गोटे के नेतृत्व में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बीजों से तैयार किए गए खम्हार, चार, तेंदू और महुआ जैसे देशी एवं उपयोगी पौधों का रोपण किया गया। इन पौधों को शंकर गोटे के परिवार द्वारा स्वयं बीज से तैयार कर उनकी देखभाल की जाती है। रोपित पौधों की आगे भी देखभाल की जिम्मेदारी उन्होंने स्वयं ली।

महादेव घाट स्थित शिव मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने और अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

मंदिर परिसर से दशहरा मैदान तक सफाई अभियान

भिलाई सेक्टर-06 के शिव हनुमान मंदिर परिसर में सफाई कर एकत्रित कचरे को निर्धारित स्थान पर पहुंचाया गया। यहां करीब 10 फीट ऊंचे आंवला पौधे का रोपण किया गया, जिसकी देखभाल की जिम्मेदारी भोसले एवं चंद्रा परिवार ने ली।

रिसाली सेक्टर के दशहरा मैदान में स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति एवं योग लंगर टीम द्वारा सफाई अभियान चलाया गया। मैदान में बिखरे कचरे को एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर डंप किया गया तथा पूर्व में लगाए गए पौधों की निंदाई-गुड़ाई और देखभाल की गई।

गाजर घास को जड़ से उखाड़कर किया नष्ट

शिव पार्वती धाम बालोद, शिव मंदिर महाकाल सुरेगांव, शिव दुर्गा मंदिर भिलाई, कपिश्वर धाम भिलाई एवं ग्राम अंजोरा दुर्ग सहित विभिन्न स्थानों पर गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाने वाली गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया गया, ताकि वह दोबारा न पनपे।

समिति के सदस्यों ने सार्वजनिक स्थलों से झिल्ली, कागज, खाद्य पदार्थों के रैपर, प्लास्टिक चम्मच, पानी की बोतल एवं पाउच, गुटखा पाउच, डिस्पोजल, दोना-पत्तल, शराब की बोतल तथा पूजा-हवन सामग्री सहित अन्य कचरा एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया।

“जल है तो बल है”, नारों से दिया स्वच्छता का संदेश

अभियान के दौरान बैनर, नारों, स्लोगन एवं कविताओं के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति एवं गाजर घास उन्मूलन के लिए जागरूक किया गया।

समिति की टीम ने लोगों के बीच संदेश दिया—

“जल है तो बल है।”
“जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ।”
“पौधे लगाकर पेड़ बनाओ, जीवन में खुशियां बरसाओ।”
“नशे का होना आदी, घर-परिवार की है बर्बादी।”
“जितने काटोगे पेड़, उससे अधिक हम लगाएंगे।”

समिति पिछले करीब पांच वर्षों से नदी, तालाब, मंदिर एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चला रही है।

“हम सफाई कर्मचारी नहीं, जागरूकता के लिए उठाते हैं कचरा”

समिति की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती थनेश्वरी हरदेल ने कहा कि समिति के सदस्य सफाई कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वयं कचरा उठाकर, पौधारोपण कर और गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाकर लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और नशामुक्ति के लिए आगे आने की अपील की।

उन्होंने कहा कि समिति हर वर्ष बरसात के मौसम में गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट करने का अभियान चलाती है, जिसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर गाजर घास में कमी आई है।

तालाबों में कुंड निर्माण और पौधों की सुरक्षा की अपील

समिति के प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने कहा कि गर्मी से पहले जल संरक्षण, बरसात में पौधारोपण और गाजर घास उन्मूलन जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने प्रत्येक तालाब में कुंड निर्माण की आवश्यकता बताते हुए कहा कि साफ-सफाई के बाद तालाब में पानी भरने से पानी को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।

उन्होंने लोगों से पौधारोपण उचित स्थान पर और ट्री गार्ड के साथ करने की अपील की, ताकि पौधों की सुरक्षा हो सके और भविष्य में उन्हें काटने की आवश्यकता न पड़े।

उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि पूजा सामग्री का अनावश्यक उपयोग न करें और नदी-तालाबों में पूजा सामग्री डालने से बचें, ताकि जलस्रोत प्रदूषित न हों।

शिवनाथ नदी घाट की सफाई के लिए निगम से आग्रह

नवनीत कुमार हरदेल ने दुर्ग निगम प्रशासन से शिवनाथ नदी मुक्ति धाम महमरा एनीकट, वार्ड क्रमांक 35 के घाट पर एकत्रित कचरे को तत्काल उठाकर निर्धारित स्थान पर डंप कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नदी और घाटों की स्वच्छता केवल किसी संस्था की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने संदेश दिया—
“स्वच्छ धरा पर चल, होगा हर समस्या हल।”

अभियान में नवनीत कुमार हरदेल, सुरेंद्र साहू, श्रीमती थनेश्वरी हरदेल, टीनल हरदेल, सरोज टहनगुरिया, श्वेता जैन, निकिता जयेश शिंगणे, भानु शंकर बेलचंदन, नरेंद्र देशमुख, राजेंद्र साहू, कार्तिक राम चंद्राकर, भानु सिंह साहू, उपासना साहू, डेरहा देशमुख, टिकेंद्र हरदेल, भागीरथी सिन्हा, दाऊ लाल बघेल, दुर्योधन साहू, राजेश कुमार, तरुणा देशमुख, चंद्रहास चंद्राकर, विमल टहनगुरिया, प्रीति, अर्चना, विक्की, पूरन, प्रकाश, सरोज चंद्रा, संतोष कुमार चंद्रा, अनुराग भोसले, किरण भोसले, रूपचन्द्र भोसले, पराग भोसले, शंकर गोटे, विकास गोटे, निर्मला गोटे सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

समिति का संदेश स्पष्ट है—सफाई केवल अभियान नहीं, बल्कि दैनिक आदत बने और पौधारोपण केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी बने।

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