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पंचायती राज की समस्याओं पर रायपुर में गरजी सरपंचों की आवाज, प्रदेश सम्मेलन की तैयारी

डीएमएफ में ठेकेदारी से लेकर मनरेगा की लंबित राशि तक उठे मुद्दे, बालोद के सरपंचों ने भी रखीं जिले की समस्याएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरपंच महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक 10 अगस्त को रायपुर स्थित होटल नाइन में प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव नायक की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के अधिकांश जिलों से जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष एवं सरपंच साथी शामिल हुए। इस दौरान पंचायती राज व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं और ग्राम पंचायतों के समक्ष आ रही व्यावहारिक दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रदेशभर के सरपंचों की समस्याएं लगभग एक जैसी

बैठक में उपस्थित जिला पदाधिकारियों एवं ब्लॉक अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और सुझावों से प्रदेश कार्यकारिणी को अवगत कराया। चर्चा के दौरान सामने आया कि पंचायती राज व्यवस्था में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के सरपंचों को कमोबेश एक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

सरपंचों ने डीएमएफ में ठेकेदारी व्यवस्था, विधायक एवं सांसद मद से होने वाले कार्यों में पंचायतों की भूमिका तथा निर्माण कार्यों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

बालोद की समस्याओं की भी प्रदेश बैठक में गूंज

बालोद जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू ने जिले में संगठन की गतिविधियों एवं सरपंचों की समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बालोद जिला सरपंच संघ की मांग पर जिला कलेक्टर एवं जिला सीईओ द्वारा सरपंच संघ के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जा चुकी है।

इस बैठक में सरपंचों ने जिला स्तर पर आने वाली दिक्कतों के साथ-साथ पंचायती राज से संबंधित प्रदेश स्तरीय मांगों एवं समस्याओं को भी अधिकारियों के समक्ष रखा था। कलेक्टर द्वारा सरपंचों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए यथासंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया गया था। बालोद जिले की बैठक में उठाई गई मांगों एवं समस्याओं को प्रदेश सरपंच महासंघ की कार्यकारिणी बैठक में भी बिंदुवार रखा गया।

मनरेगा की सामग्री राशि का मुद्दा भी उठा

बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लंबित मटेरियल पार्ट की राशि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सरपंचों ने कहा कि राशि लंबित होने से ग्राम पंचायतों पर आर्थिक दबाव पड़ रहा है और पंचायत प्रतिनिधियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरपंचों ने पंचायतों में विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर आ रही समस्याओं के समाधान तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया।

विधायक-सांसद मद के कार्यों को लेकर भी चर्चा

महासमुंद जिले के सरपंच एवं प्रदेश सरपंच महासंघ के सचिव शत्रुघ्न चेलक ने बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने सुझाव रखा कि विधायक एवं सांसदों को विकास कार्यों के लिए लगातार आवेदन देने की व्यवस्था के बजाय पंचायतों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार कार्यों का समन्वय किया जाना चाहिए।

राजधानी में होगा प्रदेश स्तरीय सरपंच सम्मेलन

बैठक में निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में संभागीय स्तर पर बैठकें आयोजित करने के बाद राजधानी रायपुर में प्रदेश स्तरीय सरपंच सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में प्रदेशभर के सरपंचों की मांगों एवं समस्याओं को एकजुट होकर शासन के समक्ष रखा जाएगा।

सरपंच महासंघ ने पंचायतों को अधिक प्रभावी एवं अधिकार संपन्न बनाने तथा ग्राम स्तर पर विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक समाधान की मांग उठाने की बात कही।

बालोद से ये सरपंच रहे उपस्थित

प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी बैठक में बालोद जिला सरपंच संघ अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू, डौंडी लोहारा अध्यक्ष पुष्पलता बघेल, डौंडी अध्यक्ष ममता मंडावी एवं उपाध्यक्ष प्रीति ग्वालियर सहित बालोद जिले के अन्य पदाधिकारी एवं प्रदेशभर से आए सरपंच प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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