डौंडीलोहारा के कोटेरा की घटना में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायालय का फैसला, 100 रुपये अर्थदंड भी
बालोद। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम कोटेरा में टंगिया से वार कर एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में माननीय द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बालोद श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी भुनेश्वर नेताम (50 वर्ष) को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। निर्णय 8 अगस्त 2026 को सुनाया गया।
शराब पीने के दौरान हुआ विवाद
प्रकरण के अनुसार, 26 जुलाई 2024 को प्रार्थी केशव ठाकुर ने डौंडीलोहारा थाना पहुंचकर सूचना दी थी कि ग्राम कोटेरा से खरखरा बांध जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित देवलाल ठाकुर की बाड़ी में एक अज्ञात व्यक्ति खून से लथपथ बेहोशी की हालत में पड़ा है।
सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक जांच के दौरान उसकी पहचान संजय ठाकुर के रूप में हुई। पुलिस ने हत्या की आशंका पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पत्नी को लेकर आरोपी और मृतक में बढ़ा विवाद
विवेचना के दौरान संदेही भुनेश्वर नेताम से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी पत्नी के साथ देवलाल ठाकुर की बाड़ी में बने मकान में चौकीदारी का काम करता था।
घटना वाली शाम आरोपी, मृतक संजय ठाकुर और एक अन्य चौकीदार केशव ठाकुर बाड़ी के मकान की परछी में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान संजय ठाकुर आरोपी की पत्नी के पास जाकर खाने के लिए चखना मांग रहा था, जिस पर आरोपी ने नाराज होकर दोनों को डांटा।
बाद में शराब पीने के बाद केशव ठाकुर अपने बाड़ी में चला गया, जबकि आरोपी की पत्नी भी वहां से चली गई। पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपी और संजय ठाकुर के बीच विवाद बढ़ गया। गुस्से में आरोपी ने घर में रखे टंगिया से संजय ठाकुर के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं पड़ा रहा। आरोपी इसके बाद अपने घर जाकर सो गया।
साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
पुलिस द्वारा विवेचना पूरी कर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी भुनेश्वर नेताम को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण की विवेचना निरीक्षक एल.पी. जायसवाल द्वारा की गई। शासन की ओर से मामले की पैरवी लोक अभियोजक तोमन लाल साहू ने की।










