हरियाली बढ़ाने और जल संरक्षण का लिया संकल्प, महिलाओं और ग्रामीणों ने उत्साह से निभाई सहभागिता
डौंडीलोहारा। छत्तीसगढ़ के प्रथम पर्व हरेली के अवसर पर गुरुवार को जन मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने ग्राम रेंगाडबरी स्थित तालाब की मेड़ पर पौधारोपण किया। इस दौरान छायादार एवं फलदार पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य तालाब के आसपास हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी के कटाव को रोकना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।
पौधारोपण कार्यक्रम में मोर्चा की अध्यक्ष अनीता बाई चुरेंद्र, कोषाध्यक्ष अश्वनी बाई, सचिव ललिता बाई भुआर्य, उपाध्यक्ष पिलेश बाई फलेन्द्र सहित सदस्य गिरजा बाई, तिरथ बाई, कुमेश बाई, बसंतीन बाई, सूरजदास मानिकपुरी, चितरेखा रावटे एवं संतोषी बाई पडौती सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश
इस अवसर पर जन मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि और प्रकृति से जुड़ी महत्वपूर्ण लोकपरंपरा है। इस पर्व पर तालाब की मेड़ पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संरक्षण का संदेश दिया गया है। पौधों के बड़े होने से आने वाले समय में ग्रामीणों को छाया मिलेगी और तालाब के आसपास का वातावरण भी हराभरा होगा।
कार्यक्रम में गांव के युवाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प लिया।
जन मुक्ति मोर्चा ने कहा कि हरेली से शुरू हुआ यह पर्यावरण संरक्षण अभियान पूरे वर्ष जारी रहेगा। गांव में समय-समय पर पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
रेंगाडबरी से नेमन साहू की रिपोर्ट।










