।। बरा सोंहारी रांध के पितर मनावत हस।।
छानी के ओरवाती ल लिप बहार के।पिड़वा के आसन म,लोटा मुखारी डार के।।अब का सुग्घर तोरई फूल चघावत हस।बरा सोंहारी रांध के,पितर मनावत हस।। बासी संग म कभू आमा चानी…
छानी के ओरवाती ल लिप बहार के।पिड़वा के आसन म,लोटा मुखारी डार के।।अब का सुग्घर तोरई फूल चघावत हस।बरा सोंहारी रांध के,पितर मनावत हस।। बासी संग म कभू आमा चानी…
📚अगर तुम शिक्षित हो तो📚 अगर तुम शिक्षित हो तो ,,भूलकर भाषा की मर्यादाक्यों बड़ों को आंख दिखाते हो।।सीना चौड़ा कर गुस्से में,बिन सोचे,अपनों को ही जाने क्या-क्या कह जाते…
ए कहानी पांच झन संगवारी के हरे . जे नान नान लइका रीहिस. उकरो इच्छा होय के हमु मन गणेश भगवान मढ़ातेन, फेर गणेश मढ़ाय म बड़ खर्चा आथे. सबों…
हां मैंने सूरज को डुबते देखा हैंतलाब मे खिले उन कमलों को सिकुड़ते देखा है ,चड़िया को अपने घोंसला कि ओर मुड़ते देखा हैहां मैंने सूरज को डुबते देखा है…
हिंदी हमारी है स्वराष्ट्र भाषा,परिष्कृत भावों का संसार है।होते विचारों का आदान प्रदान,विभिन्न बोलियों का आधार है।ऋषि मुनियों का है ग्रंथ पुराण,काव्य साहित्य जहाँ अपार है।राग रागनियां कला रंगमंच पर,हर्ष…
राजा चक्रधर सिंह पोर्ते समारोह छत्तीसगढ़ अपने प्राकृतिक धरोहर के साथ-साथ सांस्कृतिक, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के लिए भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कला ,साहित्य ,नृत्य संगीत, जीवन का अभिन्न अंग है,…
हमर संस्कारधानी छत्तीसगढ़ जेकर भुइयाँ ह किसम-किसम के तीज-तिहार ले हरियर हावय।इहाँ के जम्मो तिहार के अपन बिसेस महत्ता हावय। इही तीज-तिहार म एक सुग्घर तिहार हे 'पोरा तिहार'।ए परब…
हां मैंने सूरज को डुबते देखा हैंतलाब मे खिले उन कमलों को सिकुड़ते देखा है ,चड़िया को अपने घोंसला कि ओर मुड़ते देखा हैहां मैंने सूरज को डुबते देखा है…
हमारा देश स्वतंत्रता के 78 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह बेहतर भारत की संकल्पना को सामने लाने का उपयुक्त अवसर है। एक ऐसा भारत जहाँ समाजिक समानता…
लघुकथा - कुछ रिश्ते खून से भी बढ़कर होते हैं यह बात मैं आशु भैया से मिलकर जाना ! मेरे परिवार में मां पापा और हम तीन बहने हैं मुझे…
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