गांजा तस्करी मामले में आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास,विशेष न्यायालय ने सुनाया फैसला, एक लाख रुपये का जुर्माना भी

बालोद | विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस.) श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, जिला बालोद (छत्तीसगढ़) के न्यायालय ने गांजा तस्करी के एक गंभीर मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी गोपाल मण्डल, पिता सुकुमार मण्डल, उम्र 28 वर्ष, निवासी माना कैम्प वार्ड क्रमांक 15, थाना माना, जिला रायपुर (छ.ग.) को स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 20 (ख) (ii) (ग) के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1,00,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में आरोपी को 06 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई

अभियोजन के अनुसार दिनांक 24 सितंबर 2023 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक नीले रंग की मारुति सुजुकी बलेनो कार (CG-04-NL-9456) में दो व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ गांजा लेकर कोण्डागांव से रायपुर की ओर जा रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम शासकीय वाहन क्रमांक CG-03-8570 से स्टाफ व गवाहों के साथ रवाना होकर ग्राम पुरूर, रानी दुर्गावती चौक तिराहा, एनएच-30 पर नाकाबंदी कर रही थी।
शाम करीब 07:30 बजे संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई।
21.640 किलोग्राम गांजा जप्त
तलाशी के दौरान कार की डिक्की से 21.640 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। वाहन चालक ने अपना नाम बाबू सरकार तथा कार में सवार दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम गोपाल मण्डल बताया। पूछताछ में आरोपी ने गांजा उमरकोट (उड़ीसा) से लाकर माना कैम्प, रायपुर में बिक्री के लिए ले जाना स्वीकार किया। गांजा रखने या परिवहन करने संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।

थाना पुरूर में दर्ज हुआ मामला

मामले में थाना पुरूर में उप निरीक्षक रूपेश्वर राम भगत द्वारा अपराध क्रमांक 61/2023 अंतर्गत धारा 20 (ख) (ii) (ग) एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
प्रकरण की विवेचना निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा द्वारा की गई। विवेचना पूर्ण होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी

प्रकरण की ओर से शासन की पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री घनश्याम सिंह साहू (एन.डी.पी.एस.) द्वारा की गई। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

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