बालोद। बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण से संबंधित नियमों के प्रति स्कूली बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से राज्य बाल संरक्षण समिति द्वारा प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 29 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक निमोरा, रायपुर में संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले से 10 शिक्षकों ने भाग लिया, जिन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया।
कार्यक्रम के दौरान दुर्ग संभाग के प्रशिक्षकों के साथ पेरेंटिंग एक्सपर्ट चिरंजीवी जैन ने विशेष सत्र लिया। उन्होंने बच्चों के मानसिक विकास, सकारात्मक पालन-पोषण, भावनात्मक सहयोग एवं व्यवहार संबंधी समस्याओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए शिक्षकों को व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण में डौंडी विकासखंड से तुकाराम साहू (शा. पूर्व मा. शा. खल्लारी) एवं मोना रावत (शा. पूर्व मा. शा. मरदेल), डौंडी लोहारा से मनीष देशमुख (शा. पूर्व मा. शा. बगईटोला) एवं लता साहू (शा. प्रा. शा. कोटेरा), बालोद से मनीष वैदे (शा. पूर्व मा. शा. बघमरा) एवं भगवती सिन्हा (शा. प्रा. शा. गंजपारा), गुरूर से अजय वर्मा (शा. पूर्व मा. शा. पेरपार) एवं पूर्णिमा बघेल (शा. प्रा. शा. चन्दनबिरही) तथा गुंडरदेही से गोकुल राम राउत (शा. पूर्व मा. शा. सिर्री) एवं सुमन देवांगन (शा. प्रा. शा. कांदुल) शामिल रहे।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को बाल संरक्षण से जुड़े नियमों एवं व्यवहारिक पहलुओं पर दक्ष बनाकर विद्यालय स्तर पर बच्चों को जागरूक करने हेतु सक्षम बनाया गया।
बाल संरक्षण विषय पर जिले से 10 शिक्षक प्रशिक्षित, राज्य बाल संरक्षण समिति द्वारा निमोरा रायपुर में मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण
