महिलाओं का सशक्तिकरण एकाएक नहीं होता,इसके लिए लंबा संघर्ष करने की आवश्यकता होती है



महिलाएं शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त हो :बसंत

बालोद /देवरीबँगला– अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को नर्मदाधाम सुरसुली के महिला प्रशिक्षण भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मजिस्ट्रेट एवं दंडाधिकारी भूपेंद्रकुमार बसंत थे। उन्होंने कहा महिलाओं का सशक्तिकरण एकाएक नहीं होता।इसके लिए लंबा संघर्ष करने की आवश्यकता होती है। जरूरत के समय कोई समाज आगे नहीं आता इसके लिए स्वयं को आगे आना पड़ता है। आज महिलाएं समाज को जागरुक करने का कार्य कर रही है।महिलाए शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त होनी चाहिए। उन्होंने गांव के पारे में काम करने वाली मितानिन बहनों की तारीफ की। जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य चंद्रप्रभा सुधाकर ने कहा कि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति के हौसले और जज्बे को कई तरह से बाहर लाने का प्रयास हो रहा है। दो राय नहीं कि देश की महिलाएं चांद तक पहुंच चुकी हैं, सफलतम वैज्ञानिकों की टीम का नेतृत्व कर रही हैं, तो मेडिकल, इंजीनियरिंग, शिपिंग, आर्मी और एयरफोर्स के अलावा राजनीति और नौकरशाही में भी अपना लोहा मनवाने में कामयाब रही हैं।

आज उद्योग जगत में भी उनके बढ़ते कदम सामने हैं। महिलाओं से संबंधित कानूनी जानकारी एडवोकेट विजय यदु ने दी। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री केशव शर्मा ने मितानिन बहनों के कार्यों की जानकारी दी। मितानिन प्रशिक्षक ललिता यादव ने प्रेरणा गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सरपंच पुष्पा साहू, नीरा बढेद्र, अंजनी देवांगन, सुशीला साहू, प्रमिला ठाकुर, नंदनी साहू परवीन बेगम,लोमन पिसदा, संतोषी देवांगन, सविता गजभिए सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

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