एफटीएससी (पॉक्सो) न्यायालय बालोद का फैसला, डीएनए रिपोर्ट से आरोप सिद्ध,नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

बालोद।
एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) न्यायालय बालोद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री कृष्ण कुमार सूर्यवंशी द्वारा दिनांक 25/02/2026 को एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए आरोपी लोरिक राम यादव (उम्र 21 वर्ष), निवासी चुराघाटा दगोरी, थाना-बिल्हा, जिला बिलासपुर (छ.ग.) को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।

न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड, धारा 87 के तहत 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड तथा की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

प्रकरण का संक्षिप्त विवरण

विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख के अनुसार, दिनांक 09-04-2021 को पीड़िता के माता-पिता काम पर गए थे और उसे घर पर अकेला छोड़ा था। वापस लौटने पर पीड़िता घर में नहीं मिली। परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद 14-04-2025 को पुलिस चौकी हल्दी में अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस चौकी हल्दी, थाना गुण्डरदेही में अपराध क्रमांक 102/2025 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान 28-06-2025 को पीड़िता को आरोपी के कब्जे से उस्मानाबाद (महाराष्ट्र) से बरामद किया गया।

पीड़िता के बयान के अनुसार आरोपी द्वारा शारीरिक संबंध बनाने से वह गर्भवती हुई। न्यायालय की अनुमति से भ्रूण का डीएनए परीक्षण राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट में आरोपी और पीड़िता को जैविक माता-पिता प्रमाणित किया गया।

सम्पूर्ण विवेचना के उपरांत 22-08-2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए उक्त दंड से दंडित किया।

प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक राधा बोरकर एवं सहायक उपनिरीक्षक नंदकुमार साहू द्वारा की गई।

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