5 लाख शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा की सौगात, संघ ने जताया आभार



रायपुर/बालोद। छत्तीसगढ़ के बजट सत्र में राज्य के लगभग 5 लाख शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है। भाजपा सरकार द्वारा दी गई इस बड़ी सौगात को कर्मचारी हित में ऐतिहासिक निर्णय बताया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ कैशलैस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ की ओर से संभागीय सचिव (दुर्ग संभाग) श्री कुंदन साहू ने सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में इलाज की जो व्यवस्था थी, उसमें कर्मचारियों को पहले अपनी जेब से खर्च करना पड़ता था। उपचार के बाद बिल जमा करने के बावजूद भुगतान मिलने में वर्षों लग जाते थे।

उन्होंने बताया कि भुगतान प्रक्रिया में अत्यधिक भागदौड़ और देरी के कारण कर्मचारियों को आर्थिक व मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। कई बार स्वीकृत राशि का पूरा भुगतान भी नहीं मिल पाता था। गंभीर बीमारी की स्थिति में कर्मचारियों को कर्ज लेने या जमीन-जायदाद बेचने तक की नौबत आ जाती थी।

संघ ने माननीय मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, वित्त मंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं सरकार के सभी विधायकों के प्रति आभार प्रकट किया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया के प्रति विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कर्मचारियों की पीड़ा को समझा और इस महत्वपूर्ण मांग को पूरा कराने में संवेदनशील भूमिका निभाई।

संघ के संरक्षक राकेश सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उषा चंद्राकर सहित सभी पदाधिकारियों ने इस मांग को लेकर निरंतर प्रयास किए। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति है और इससे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

संघ ने राज्य के सभी शासकीय कर्मचारियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि कैशलैस चिकित्सा सुविधा कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगी और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से राहत दिलाएगी।

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