बालोद।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत फाउंडेशनल स्तर पर बालवाड़ी बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने हेतु बालोद जिले में बालवाड़ी शिक्षकों का पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), दुर्ग–अछोटी द्वारा जमरुवा (बालोद) में आयोजित किया गया, जिसमें दो दिवसीय ऑनलाइन तथा तीन दिवसीय ऑफलाइन सत्र शामिल थे।
कार्यक्रम में डीएमसी श्री जांगड़े, बीआरसीसी श्री पाण्डेय, संकुल प्राचार्या श्रीमती बेक, DIET से सहायक प्राध्यापक श्रीमती शर्मा एवं श्रीमती सुषमा हिरवानी (बालवाड़ी प्रभारी) की गरिमामयी उपस्थिति रही। DIET प्राचार्य श्री पी.सी. मरकले ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उद्देश्य एवं बच्चों के प्रारंभिक शिक्षा स्तर को सुदृढ़ करने पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान शिक्षकों को NEP 2020, ECCE की अवधारणा, खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण, बच्चों की अधिगम शैली, थीम आधारित पाठ्यक्रम, दैनिक कार्य योजना, लैंगिक समानता, तथा बच्चों के आकलन की आधुनिक विधियों की जानकारी दी गई। साथ ही शिक्षकों द्वारा व्यावहारिक गतिविधियों का प्रदर्शन, समूह चर्चा एवं प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालोद जिले के पांचों विकासखंडों से कुल 97 बालवाड़ी शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आह्वान ट्रस्ट का विशेष योगदान रहा, जिसकी डीएमसी एवं DIET प्राचार्य द्वारा सराहना की गई।
उक्त प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर एवं जिला संसाधन समूह के रूप में खिलानंद साहू, ठाकुर राम सिन्हा, जय कुमार साहू, श्रीमती मीनू ठाकुर, तथा आह्वान ट्रस्ट से प्रेम नारायण वर्मा एवं तुकाराम टेखरे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बालवाड़ी शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
