रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं अमलीपदर जिला गरियाबंद निवासी आचार्य पंडित युवराज पांडे को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने हाल में हुई घटनाओं को देखते हुए उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा एवं कथा कार्यक्रमों में पर्याप्त पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
संगठन के अनुसार आचार्य पं. युवराज पांडे पर अब तक सात बार हमले एवं दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बीते माह गरियाबंद के पास उनके वाहन को सड़क पर एक अन्य वाहन ने क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसमें वे बाल-बाल बच गए। इस घटना की रिपोर्ट गरियाबंद थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा कुछ दिनों पूर्व रायपुर के निकट आयोजित शिवपुराण कथा के विशाल कार्यक्रम में प्रारंभिक रूप से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा नहीं देखी गई थी और बाद में तैनात बल भी अपर्याप्त बताया गया।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने कहा कि आचार्य पं. युवराज पांडे अपने धार्मिक प्रवचनों के माध्यम से सनातन धर्म, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही वे छत्तीसगढ़ की राजभाषा छत्तीसगढ़ी, लोककला, संस्कृति और परंपराओं को देश-विदेश में पहचान दिलाने का कार्य कर रहे हैं। उनके योगदान से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रसिद्धि मिल रही है।
संगठन ने उन्हें राज्य की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि उनके लाखों अनुयायी हैं और हाल की घटनाओं के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए रायपुर में पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज को ज्ञापन सौंपकर उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा एवं कथा आयोजनों में पर्याप्त पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के संरक्षक श्री ललित बघेल, महामंत्री यशवंत वर्मा, जेसीपी महासचिव भूषण साहू तथा सचिव देवेंद्र नेताम उपस्थित रहे। संगठन ने प्रशासन से शीघ्र उचित कदम उठाने की अपेक्षा व्यक्त की है।
