बालोद। भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए अधिसूचित नियमों का समर्थन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन प्रेषित किया गया है। संगठन ने इन नियमों को भारतीय संविधान की मूल भावना—समानता, सामाजिक न्याय एवं शिक्षा के अधिकार—के अनुरूप बताया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि यूजीसी द्वारा अधिसूचित नए नियम संविधान के अनुच्छेद 14, 15 एवं 21(क) के अंतर्गत प्रदत्त मूल अधिकारों की भावना को सुदृढ़ करते हैं। संगठन के अनुसार ये नियम उच्च शिक्षा में समान अवसर, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ ने अपने ज्ञापन में कहा कि इन नियमों के लागू होने से वंचित एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा में समान अवसर प्राप्त होंगे तथा उच्च शिक्षा में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप है और देश को सामाजिक समरसता तथा ज्ञान आधारित समाज की ओर अग्रसर करेगी।
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यूजीसी के नए नियम संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय की अवधारणा को मजबूत करेंगे तथा देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और समावेशी बनाएंगे।
अंत में भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय से आग्रह किया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अधिसूचित इन नए नियमों को संस्थागत रूप से लागू करने हेतु पूर्ण समर्थन प्रदान किया जाए।
यह ज्ञापन भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ की ओर से जिला अध्यक्ष प्रवीण महिलांग सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा प्रेषित किया गया।
