बालोद/जगन्नाथपुर – ग्राम नेवारीकला में एक दमाद के अपहरण का रोचक मामला सामने आया है। दमाद जागेश्वर सोनकर ने अपने ससुर व डेढ़साला के खिलाफ बालोद थाने में अपहरण की धारा 363,34 का केस दर्ज कराया है। अपहरण क्यों किया गया था, यह अब तक स्पष्ट नहीं है। पर दमाद का कहना है की ससुर मुझे मेरी पत्नी से मारपीट के झूठे आरोप में फंसाना चाहते थे। जबकि मेरे पत्नी से अच्छे संबंध हैं कुछ दिन पहले ही मैं पत्नी के साथ ससुराल में रहकर आया हूं मुझे पीलिया भी हो गया था , इलाज कराने के दौरान पत्नी अस्पताल तक में साथ रही, मेरा उससे कोई झगड़ा नहीं हुआ है फिर भी पता नहीं क्यों ससुर दादागिरी पर उतर आये हैं और मुझे अपहरण करके पहले ससुराल रुदगाँव ले गये, फिर मुझे डोगरगाँव थाने में ले गये थे, फिर वहां से भाग आया और बालोद थाने में रिपोर्ट लिखाया हूं. पर मामले एक बड़ी बात ये भी सामने आई की जिस गाड़ी बोलेरो में दमाद का अपहरण हुआ है, उसमें उनकी पत्नी भी बैठी हुई थी।
यह रिपोर्ट लिखाई है प्रताड़ित दमाद ने

दमाद जागेश्वर सोनकर का कहना है मेरी शादी ग्राम रूदगांव के धनीराम सोनकर की लड़की कुसुमलता के साथ वर्ष 2008 में हुआ है, हम दोनों पती-पत्नि अपने ग्राम नेवारीकला में रह रहे थे. 05/02/2021 को मेरी सास का स्वर्गवास होने से हम दोनो व बच्चों के साथ ग्राम रूदगांव गये थे तथा कार्यक्रम खत्म होने के बाद मैं अकेला घर वापस आ गया था। मेरे पत्नि एवं बच्चे वही रुके थे। मै 14 फ़रवरी को घर वापस आने अपनी पत्नि को फोन से बात किया था तो वह ठीक है दो दिन बाद आउंगी बोली। 16/02/2021 को करीबन शाम 06-30 बजे मेरे पत्नी व बच्चों को लेकर मेरे ससुर धनीराम व डेड़ साला हरीश सोनकर अपने घर की सफेद रंग की बोलेरो से ग्राम नेवारीकला आये थे। बच्चों को देखकर मेरा छोटा भाई पदूमलाल सामाजिक कार्यक्रम में खाना खिलाने ले गया। जब मेरे पत्नि व बच्चे घर आये उस समय मै घर पर नही था, जैसे ही मै घर आया तो मेरे ससूर धनीराम एवं डेड़साला मुझे देखकर बोला कि मै जब भी यहां आता हुं तो तूम घर पर नही रहते हो, कहते हुए धमकाने लगा और चल मैं अपना औकात दिखाता हूं कहते हुए मेरे कालर पकड़कर दोनों घर से बाहर जबरदस्ती खीचते हुए गाड़ी तरफ ले जा रहा था। उसी समय मेरा ससुर थप्पड़ से गाल को दो-तीन बार मारा है और मुझे गाड़ी में दो बार बैठाने का प्रयास किया। तो मै गाड़ी में बैठने से इनकार कर रहा था और तीसरी बार दोनों मिलकर मुझे जोर जबरदस्ती कर उठाकर बोलेरो के पीछे तरफ बैठाया और मेरे साथ मेरा ससुर धनीराम मुझे पकड़कर बैठा रहा और मेरा डेड़साला गाड़ी को चलाते हुए नेवारीकला से ले जाने लगा।

उस समय गाड़ी में मेरी पत्नी कुसुमलता व डेड़सास रेखा सोनकर भी बैठी थी। मैं बार-बार गाड़ी से उतरने का प्रयास कर रहा था, किंतू मेरे ससुर मुझे पीछे सीट में जमकर पकड़कर रखा था और मुझे उतरने से धमका रहा था। और मेरा डेड़साला गाड़ी को काफी तेज गती से चलाते ले जा रहा था। तथा मुझे रात में अपने साथ रूदगांव ले जाकर अपने घर में बैठाकर रखे थे। फिर मुझे मेरे ससुर एव डेड़साला 17/02/2021 को थाना डोंगरगांव ले गये। जहां से मै छुटकर घर वापस आया हूं। उसके बाद मै अपने छोटा भाई पोषण लाल सोनकर और तुकाराम सोनकर के साथ थाना रिपोर्ट करने आया। मेरे ससुर एवं डेड़साला द्वारा मुझे जब भी यहां घर आता हुं तो तूम घर पर नही रहते हो कहते हुए जोरजबरदस्ती कर गाड़ी में बैठाकर अपने गांव रूदगांव ले गया था।
