जीना इसी का नाम है- गरीबों की मदद के लिए खड़े हो जाते हैं यहां युवाओं के हाथ, जय हनुमान मित्र मंडल करती है जरूरतमंद की मदद, शोक परिवार को दी जाती है सहानुभूति राशि,कइयों की अब तक कर चुके मदद, पढ़िए प्रेरक कहानी



बालोद। ग्राम सिर्राभाटा में एक समाजसेवी राजेश सिन्हा के नेतृत्व में गठित जय हनुमान मित्र मंडल लगातार अपने प्रेरक कार्यों से अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। इस मंडल की एक खास बात ये है कि इसमें कई युवा जुड़े हुए हैं जो गांव के विकास को लेकर तत्पर रहते हैं। एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर व समाजसेवी राजेश सिन्हा जो अभी मुंबई में रहते हैं, लेकिन गांव से एक अलग लगाव के चलते उन्हें गांव के विकास व वहां के लोगों की चिंता रहती है और इस कारण वे जरूरतमंद लोगों की हमेशा मदद करते हैं।

जय हनुमान मित्र मंडल बनाकर जरूरतमंदों की मदद के लिए युवाओं को आगे करते हैं और इस मंडल के युवा द्वारा अलग-अलग अवसर सुख दुख दोनों समय में लोगों की मदद की जाती है। अगर किसी गरीब परिवार में किसी का निधन हो जाए तो शोक कार्यक्रम व सहयोग राशि के बतौर उक्त परिवार को 3000 देकर मदद की जाती है। विगत 2 साल के भीतर उक्त मंडल के युवाओं द्वारा 30 से ज्यादा लोगों व परिवारों की इसी तरह से मदद की जा चुकी है।

जय हनुमान मित्र मंडल के संचालक व अध्यक्ष राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि गांव में विगत दिनों अंजू राम नेताम व उनकी पत्नी ललिता नेताम की पुत्री तामेश्वरी का निधन हो गया था। जिसकी जानकारी मिलने के बाद उक्त गरीब परिवार को ₹3000 की सहयोग राशि हमारे मंडल की ओर से दी गई।सरपंच दानी राम सिन्हा, पंच लालेश्वर ठाकुर, पूर्व सरपंच यादराम सिन्हा, रूप चंद जैन की मौजूदगी में उक्त राशि शोक  परिवार को सौंपी गई।

इसके पहले भी कई परिवारों को मदद की जा चुकी है। सभी वर्गों के लिए आकस्मिक निधन हो जाने पर 2500, 3000 व ₹5000 की सहानुभूति राशि उक्त जय हनुमान मित्र मंडल की ओर से दी जा रही है। जो कि लगातार दो साल से धार्मिक, सामाजिक क्षेत्र में काम कर रही है। संचालक व अध्यक्ष राजेश सिन्हा ने बताया इसके पहले शादी के आयोजन में भी गरीब परिवार को अलग-अलग फंड देकर मदद की गई है। सामाजिक सेवा के कार्यों में युवा लगातार हाथ बटा रहे हैं और जरूरतमंद की मदद कर रहे हैं।

काम की तलाश करते गए थे मुंबई, आज खुद की लेबर कंस्ट्रक्शन कंपनी चला रहे 

राजेश सिन्हा

संचालक व अध्यक्ष राजेश कुमार सिन्हा के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि वे वर्षों पहले मुंबई में खुद काम की तलाश करने गए थे। रोजी मजदूरी करते करते वे धीरे-धीरे कंस्ट्रक्शन लाइन में आये और आज खुद की लेबर कंस्ट्रक्शन कंपनी( बेटी के नाम से काजल इन्टरप्राइजेस) के मालिक बन गए हैं। और अपने नीचे गांव सहित छत्तीसगढ़ के कई गांव के युवाओं को मुंबई में रोजगार दिला रहा है। बीच-बीच में वे गांव आते रहते  है और गांव के युवाओं को जय हनुमान मित्र मंडल से जोड़कर गांव के जरूरतमंद लोगों की मदद भी करते हैं।

 स्वयं के खर्चे से सीसी रोड़ तक बनवाई है

 राजेश सिन्हा सहित हनुमान मित्र मंडल की दान शीलता  के गांव में कई उदाहरण है। गांव में स्कूल के सामने स्वयं के खर्चे से इन लोगों ने सीसी रोड तक बनवाई हैं। जहां पर पहले सीसी रोड  के अभाव से पानी भर जाता था। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती थी। युवाओं ने आपस में चंदा करके ₹30000 जुटाए व श्रमदान  कर सीसी रोड बनाई है। इसके अलावा गरीब परिवारों के इलाज में पैसे की कमी होती है तो वहां पर ₹5000 भी दान करते हैं।

ग्राम विकास व हरियाली के लिए भी पेड़ पौधों के संरक्षण के लिए ₹3000 खर्च किया जाता है। सभी मजदूर युवा और लेबर कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक राजेश सिन्हा ने मिलाकर जब इस मंडल का गठन किया तो ₹80000 फंडिंग किए थे। जिसे समय-समय पर शाला विकास व बच्चों के प्रोत्साहन सहित ग्राम विकास में खर्च किया जाता है ताकि जरूरतमंद को कोई परेशानी ना हो। स्वच्छता को लेकर भी गांव के युवा आगे रहते हैं। समय-समय पर हफ्ते में एक दिन गांव के चौक चौराहों की सफाई भी करते हैं।

30 से ज्यादा जरूरतमंद की कर चुके मदद

 इसके पहले भी जय हनुमान मित्र मंडल के माध्यम  से हितेश कुमार बाबू बघेल को ₹5000, संतोष ठाकुर को ₹5000 सहित  30 से ज्यादा लोगों को इस तरह से सहानुभूति राशि देकर मदद की जा चुकी है।

हाल ही में दिवाली के समय पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी पहल करते हुए उनके द्वारा सभी समाज को प्लास्टिक की चीजों को छोड़ने के लिए स्टील का 100 थाली व गिलास सेट भी वितरित किया गया था। ताकि सार्वजनिक आयोजन में उनका इस्तेमाल हो सके। अध्यक्ष व संचालक राजेश कुमार सिन्हा, सचिव डोमेन्द्र यादव, उपाध्यक्ष धनेश्वर धनकर, मीडिया प्रभारी रूप चंद जैन, मार्गदर्शक यादराम सिन्हा( भूतपूर्व सरपंच विधायक प्रतिनिधि) सहित अन्य लोग लगातार समाज सेवा की दिशा में काम कर रहे हैं।

शासन प्रशासन द्वारा जहां ध्यान नहीं दिया जाता ऐसी जगहों पर भी उनके द्वारा निर्माण व विकास कार्य भी किए जाते हैं। पिछले दिनों सिर्राभाटा से पसौद जाने वाले मार्ग पर बाढ़ के कारण पुलिया का एक हिस्सा बह गया था। इससे रास्ता बंद हो गया था। जहां मरम्मत तक भी विभाग द्वारा नहीं किया जाता था। वहां पर राजेश सिन्हा द्वारा खुद जेसीबी व मिट्टी की व्यवस्था कर के रास्ते को सुधारा गया। ऐसे कई समाज सेवा व ग्राम विकास के काम यहां हो रहे हैं।जो अन्य गांव के लिए भी प्रेरणादायक है।

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