बालोद । छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी ‘‘पढ़ई तुंहर दुआर’’ कार्यक्रम में आज हमारे नायक (अधिकारी) के रूप में एक बालोद के जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर चयनित हुए हैं उनकी सफलता की कहानी को श्रवण कुमार यादव, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला कोसा, संकुल केंद्र गोरकापार, विकासखण्ड गुण्डरदेही, जिला बालोद ने लिखा है। डीईओ ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण की वजह से प्रत्यक्ष शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रायोजित विभिन्न वैकल्पिक तरीकों को अपनाए जा रहे है । पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम अन्तर्गत बालोद जिले में संचालित इन गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने व इसे प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिले से लेकर संकुल स्तर तक ऑनलाइन व ऑफ़लाइन मॉनिटरिंग टीम बनाए गए है, जो नियमित रूप से मॉनिटरिंग कर रहे है । बालोद जिले के शिक्षा अधिकारी होने के नाते मेरे द्वारा स्वयं भी मोबाईल से ऑनलाइन मॉनिटरिंग के साथ साथ ऑफ़लाइन मॉनिटरिंग के रूप में प्रत्यक्ष रूप से निरीक्षण किया जा रहा है । जिससे पढ़ई तुंहर दुआर की गतिविधियों में निरंतरता व गुणवत्तापूर्ण स्थिति बनी हुई है ।
ऑनलाइन पढ़ाई का क्रियान्वयन

कोविड-19 की वजह से जैसे ही स्कूलों को बंद किया गया, तब से ही जिले में बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में पहल किया गया । स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की शुरूआत मुख्यमंत्री जी के करकमलों से होने उपरांत बालोद जिले में इसे क्रियान्वित करने हेतु विशेष प्रयास किए गए । इस दौरान तत्कालीन कलेक्टर रानू साहू के समक्ष डेमो ऑनलाइन कक्षा का संचालन कर प्रदर्शन किया गया । वर्तमान कलेक्टर जन्मेजय महोबे द्वारा भी जिला स्तरीय ऑनलाइन पढ़ाई हेतु अपनाई जाने वाली तकनीकी प्रक्रियाओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत हो चुके है । बालोद कलेक्टर द्वारा भी शासन की इस महत्वकांक्षी योजना के बेहतरीन क्रियान्वयन हेतु इस बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी एवं सीएसी का वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक लिया जा चुका है। जिले को सभी शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन क्लॉस हेतु तकनीकी प्रशिक्षण/जानकारी जिले से लेकर ब्लॉक व संकुल तक उपलब्ध कराया गया । बालोद जिले के जिले, ब्लॉक व संकुल नोडल अधिकारियों को सक्रिय कर जिले में ऑनलाइन पढ़ाई को क्रियान्वित किया गया ।
ऑफ़लाइन मॉडल सहित मोहल्ला क्लास क्रियान्वयन
बालोद जिला शिक्षा अधिकारी श्री ठाकुर ने बताया कि जिले में ऑनलाइन पढ़ाई के साथ साथ ऑफ़लाइन पढ़ाई के विभिन्न मॉडलों को भी क्रियान्वित किए जा रहे है । पढ़ई तुंहर पारा अंतर्गत बुलटू के बोल, मोहल्ला क्लॉस, मिस्ड कॉल गुरूजी जैसे गतिविधियों को जिले में बेहतरीन व प्रभावी तरीके से क्रियान्वित कर सफल बनाए जा रहे है ।
पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की ये है उपलब्धि
ऑनलाइन-ऑफ़लाइन पढ़ाई में राज्य स्तर पर बालोद जिले को शीर्ष क्रम में आंकलित किए जा रहे है । पढ़ई तुंहर दुआर के सफल क्रियान्वयन में जिले स्तर के अधिकारियों के अलावा ब्लॉक व संकुल नोडल अधिकारियों को निरंतर मोटिवेट किए जा रहे है । जिला शिक्षा अधिकारी बालोद द्वारा 6858 शिक्षक जानकारी सुधार हेतु सत्यापित किए जा चुके है । पढ़ई तुंहर पारा अन्तर्गत कुल 37439 बच्चों की प्रविष्टि दर्ज किया जा चुका है । बालोद जिले में 5963 शिक्षकों के माध्यम से कुल 193863 ऑनलाइन कक्षाएं संचालित हो चुकी है, जिसमें कुल 17585 बच्चों की सहभागिता रही है । इसीतरह बुलटू के बोल कार्यक्रम के लिए 45 शिक्षकों की मदद से 1174 शैक्षिक सामग्री भेजी जा चुकी है । इसके अलावा बालोद जिले में 1225 वर्तुअल स्कूलों के माध्यम से जिले के कुल 4245 शिक्षकों द्वारा कुल 79436 बच्चों का आकलन कार्य पूर्ण हो चुका है ।
जिला शिक्षा अधिकारी के संरक्षण में संचालित नवाचार
जिला स्तरीय ऑनलाइन क्लॉस संचालन, परंपरागत खिलौना निर्माण, ऑडियो कॉल कांफ्रेंस, मिस्ड कॉल गुरूजी, कार वाले गुरूजी, शिक्षा सारथी का सहयोग, मोहल्ला क्लॉस में कठपुतली से शिक्षा, ऑनलाइन क्विज़, ऑनलाइन फैंसी ड्रेस, ऑनलाइन सांस्कृतिक कार्यक्रम, ऑनलाइन शिक्षक संगोष्ठी, व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन पढ़ाई सहित व्हाट्सएप व यूट्यूब प्लेटफॉर्म की सहायता से बच्चों को टीचिंग मटेरियल उपलब्ध कराना, ऑग्मेंटेड रियालिटी का प्रयोग करना इत्यादि विभिन्न नवाचारों को क्रियान्वित किए जा रहे है ।
