जगन्नाथपुर/बालोद| माघ महीने में आने वाले गुप्त नवरात्रि 12 फरवरी (शुक्रवार) से शुरू हो रही है। गुप्त नवरात्रि के नौ दिन तक मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि में सात्विक और तांत्रिक पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से साधुओं, तांत्रिकों द्वारा मां दुर्गा को प्रसन्न और तंत्र साधना के लिए मनाया जाता है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा को गुप्त रखा जाता है, इससे पूजा का फल दोगुना मिलता है। मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए गुप्त नवरात्रि के नौ दिन कुछ व्रत नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।

जगन्नाथपुर के कथावाचक व पंडित रुपेश कृष्ण मिश्रा ने बताया यह पूरी तरह से गुप्त पूजा होती है इसलिए इसका नाम भी यही है इसमें किसी तरह का प्रदर्शन नही होता। उन्होंने कहा गुप्त नवरात्रि के दौरान मांस-मदिरा, लहसुन और प्याज का बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए। मां दुर्गा स्वयं एक नारी हैं, इसलिए नारी का सदैव सम्मान करना चाहिए। जो नारी का सम्मान करते हैं, मां दुर्गा उन पर अपनी कृपा बरसाती हैं। नवरात्रि के दिनों में घर में कलेश, द्वेष या अपमान नहीं करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से बरकत नहीं होती है। नवरात्रि में स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना चाहिए। नौ दिनों तक सूर्योदय से साथ ही स्नान कर साफ वस्त्र धारण करने चाहिए। नवरात्रि के दौरान काले रंग के वस्त्र नहीं धारण करने चाहिए और ना ही चमड़े के बेल्ट या जूते पहनने चाहिए। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान बाल, दाढ़ी और नाखून नहीं काटने चाहिए। नवरात्रि के दौरान बिस्तर पर नहीं बल्कि जमीन पर सोना चाहिए। घर पर आए किसी मेहमान या भिखारी का अपमान नहीं करना चाहिए।
गुप्त नवरात्रि के हैं ये मुहूर्त( पं रुपेश कृष्णा मिश्र के अनुसार)
गुप्त नवरात्रि 2021
तिथि और घट स्थापना शुभ मुहूर्त-
नवरात्रि शुरू 12 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार
नवरात्रि समाप्त 21 फरवरी 2021 दिन रविवार
कलश स्थापना मुहूर्त- सुबह 08 बजकर 34 मिनट से 09 बजकर 59 मिनट तक।
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक।
