डीबी डिजिटल मीडिया बालोद। धर्मेंद्र कुमार श्रवण की नियुक्ति जब 2005 में आदिवासी अंचल विकासखंड डौंडी के प्रोन्नत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अवारी में हुई उस दिन से शैक्षिक नवाचार में शोध व अनुसंधान कार्य करते हुए गणित की अवधारणाओं को सहायक शिक्षण समाग्री व आसपास के परिवेश में देखी हुई गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के दिमाग़ में बखूबी से वैज्ञानिकों दृष्टिकोणों को उनके मनोमस्तिष्क में उकेरने का जो प्रयास किया वह बहुत ही सराहनीय पहल रहा और उनके गतिविधि को देखते हुए कलेक्टर व उच्च अधिकारियों का भी स्कूल पर हमेशा निरीक्षण होते रहता था और सराहनीय कार्य के लिए प्रोत्साहित भी करते रहता था । उन्हें विकास खंड स्तरीय स्थानीय परीक्षा समिति के सचिव का पद दिया गया और विकासखंड स्तर पर बेहतरीन परीक्षा बागडोर संभालने में कामयाबी दिखाई और उनके द्वारा साइंस इंस्पायर अवार्ड के अंतर्गत हृदय की संरचना, शुक्र ग्रह का पारगमन, जल संसाधन के विभिन्न सदुपयोग जैसे, कबाड़ से जुगाड़ के अंतर्गत फल तोड़ने वाले उपकरण व विभिन्न शैक्षणिक क्रियाकलाप, अंधमोड़ पर रोड दुर्घटना से बचने के उपाय, कंबाइन्ड हार्वेस्टर मशीन, वेस्टेज वाटर का सदुपयोग कर कृषि उपयोगी यंत्र जैसे मॉडल का निर्माण किया उनके द्वारा बच्चों के राष्ट्रीय स्तर पर साइंस इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी मेला नई दिल्ली में प्रदर्शन करवाने में कामयाबी दिखाई और शाला का नाम रोशन किया। आदिवासी अंचल विभाग की ओर से जिला स्तरीय राष्ट्रीय पर्व पर झांकी का निर्माण करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा और उत्कृष्ट स्थान दिलाने में अहम दायित्व निभाते थे ।अपने स्वयं के व्यय से आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को पोशाक, टाई-बेल्ट व पाठ्य पुस्तक प्रदान किया जाना, किचन गार्डन निर्माण एवं चहुंओर कच्चा बाड़ी लगाने में आर्थिक सहयोग किया और इस तरह उनके अनोखे दृष्टि कोण से जो अद्भुत कारज हुआ व अनोखा कार्य कर माध्यमिक स्तर पर उन्हें सम्मान भी खूब मिला और 2015 में उत्कृष्ट शाला का पुरस्कार महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशिला बाई साहू छत्तीसगढ़ शासन बालोद जिला की जिलाधीश श्री नरेन्द्र शुक्ला जी के सौजन्य से गणतंत्र दिवस के पावन बेला पर सम्मान किया गया और अवारी संस्था को तीन कम्प्यूटर सेट पुरस्कार दिया गया उसी दिन से शैक्षिक गतिविधि के साथ-साथ सह-शैक्षिक गतिविधियों के अंतर्गत शैक्षणिक, साहित्यिक, सामाजिक व सांस्कृतिक क्षेत्र में विशेष रूचि लेकर गतिविधि में अव्वल स्थान लेने में हमेशा आगे रहे और अपनी जज्बा व जूनून से सर्वप्रथम बालिका शिक्षा विशेष प्रोत्साहन दिया जिसके अंतर्गत बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, महिला सशक्तिकरण, नशा मुक्त अभियान, अनपढ़ नारी जैसे नाटक, अध्ययन अध्यापन व खेलकूद, योगा व्यायाम लेझिम डम्बल्स पर सराहनीय कार्य किया और जिला स्तर पर प्रदर्शन कर विशेष तालियांँ बटोरी। जब 2016 में व्याख्याता गणित के पद पर पदोन्नति शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खलारी हुई तब उनके द्वारा अनोखा कार्य करने का भी मौका मिला । गणित, पर्यावरण एवं विज्ञान प्रदर्शिनी एवं पश्चिम भारत विज्ञान मेला में पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को दृष्टिगत रखते हुए स्वयं के द्वारा सृजित विज्ञान लघु नाटिका वृक्ष कल्याणम् जैसे नाटिका तैयार कर शाला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मुंबई जैसे महानगर में आदिवासी अंचल के बच्चों के द्वारा बेहतरीन प्रदर्शन निर्देशक श्रवण शिक्षक जी के दिशा निर्देश में राष्ट्रीय पुरस्कार 2018 जीते। और मुंबई में बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण भी आनंदित माहौल के साथ कराया गया बच्चे भी खुश रहे। श्री धर्मेंद्र कुमार श्रवण के मार्गदर्शन में इंस्पायर अवार्ड में प्रतिवर्ष चयन होता है और उन बच्चों के द्वारा बेहतरीन प्रदर्शन भी संभाग व राज्य स्तरीय होता है । विज्ञान एवं गणित पर्यावरण एवं भारत विज्ञान प्रदर्शनी मेला में त्रिकोणमिति अनुपात का इलेक्ट्रॉनिक मॉडल एवं बाएंँ हाथ के खेल के द्वारा त्रिकोणमिति अनुपात को ज्ञात करने का एक अनोखा नमूना साथ ही स्वयं के द्वारा निर्मित सहायक शिक्षक सामग्री एवं कबाड़ से जुगाड़ का प्रदर्शनी में विशेष अपनी सहभागिता का परिचय देकर सब दर्शकों एवं निर्णायकों का मन मोह लिया । उन्होंने एक आकर्षक वेशभूषा गणित संबंधित संक्रिया व सूत्र अंकित कर सजाया गया एवं इलेक्ट्रॉनिक टोपी पर गणितीय गतिविधियों को अंकित कर एक नया स्वरूप प्रदान किया जो सबको मन मोह लिया । उनके द्वारा कांकेर, कबीरधाम, बालोद, दुर्ग, रायपुर, सूरजपुर व अंबिकापुर में संपन्न हो चुका है। साथ ही अब्दुल कलाम विज्ञान क्लब के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन कर बच्चों की उपलब्धि वह अभिव्यक्ति कौशल का विकास करने में सफलीभूत रहा है जैसे क्विज प्रतियोगिता, रंगोली, चित्रकला, चित्रआर्ट, नारा, निबंध , सेमिनार आदि जैसे गतिविधियों का आयोजन कर उनमें से प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान आने वाले संस्था प्रमुख द्वारा सभी छात्र छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त विज्ञान पर उत्कृष्ट प्रदान करते हुए विद्यार्थी विज्ञान मंचन द्वारा ऑनलाइन परीक्षण कर उन्हें प्रशस्ति प्रदान करना। राज्य स्तरीय लोक कला युवा महोत्सव एवं शालेय कला उत्सव में भी बहुत ही शानदार एक निर्देशन के रूप में बखूबी से पालन करते हुए उनके द्वारा की नाटक तैयार करना जैसे नशा मुक्ति अभियान, अंधविश्वास पर आधारित अनपढ़ बहू, निबंध एवं पर्यावरण से संबंधित ग्रीन ऊर्जा क्लीन ऊर्जा जैसे नाटक का स्वयं लेख तैयार कर, स्वयं स्क्रिप्ट तैयार कर बच्चों को रुचि अनुसार उन्हें बेहतर से बेहतर करने का प्रयास उनके द्वारा कार्यक्रम सराहनीय रहता है और बच्चे भी खुश रहते हैं तो इस तरह से गतिविधियों में राज्य स्तर तक बच्चों को प्रदर्शन कराने में और खुद का प्रदर्शन करने में कामयाब रहे हैं।

उनके द्वारा अपने जन्म दिवस के अवसर पर भी 300 से अधिक बच्चों एवं संकुल परिवार के शिक्षकवृंद को एवं शाला विकास प्रबंधन समिति की पदाधिकारी एवं सदस्यों को न्योता भोज एवं समस्त स्टाफ को स्वादिष्ट भोजन कराने में अहम भूमिका निभाया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने बच्चों को उपचारात्मक शिक्षण विशेष रूप से देते हैं और अतिरिक्त समय लगाकर बच्चों के प्रति आत्म समर्पित भाव से एक-एक समस्याओं का निराकरण करते हैं। उन्होंने पिछले वर्ष से अपने पिताजी की स्मृति में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में बालोद जिला के टॉप टेन में आने वाले उत्कृष्ट विद्यार्थियों को एक आकर्षक मोमेंटो व प्रतीक चिन्ह भेंट किया जाता है । समाज की दिशा में भी उन्होंने सामने आकर छह बार रक्तदान करना, कोरोना काल में अपने एक दिन के वेतन का क्वारेंटाइन सेंटर में सहयोग राशि भेंट करना व राशन सामग्री प्रदान करना। नि:शुल्क बच्चों को सेनेटाइजर, नोज मास्क व संबंधित सामग्री अपने स्वयं के व्यय पर सहयोग करना । आर्थिक रूप से कमजोर संवर्ग के परिवार को उपचार हेतु सहयोग राशि प्रदान करना और धार्मिक कार्यक्रम में भी भोज भंडारा के लिए सहयोग प्रदान करता है । इस तरह से अपने शैक्षिक कार्यकाल में शिक्षा की दृष्टिगत करते हुए उच्च स्तर पर शैक्षणिक क्रियाकलाप में अग्रणी रहकर शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, सामाजिक, धार्मिक व आध्यात्मिक पत्रकारिता एवं प्रतिष्ठित संस्थानों से छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त अन्य राज्यों में जैसे इंदौर व उज्जैन जैसे धार्मिक नगरी में उन्हें सम्मानीत किया गया है अब तक 150 से अधिक सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। विकासखंड स्तर पर भी उन्हें उनके सरहानीय कार्य को देखते हुए नोडल अधिकारी बनाकर राष्ट्रीय आविष्कार शैक्षणिक भ्रमण हेतु उनके मार्गदर्शन में जैसे राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान, गणित पर्यावरण प्रदर्शनी मेल पर 200 से अधिक बच्चों को प्रदर्शन कराने का सौभाग्य मिला । विधानसभा लोकसभा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कार्यक्रम में भी मास्टर ट्रेनर की भूमिका अदा करता है और साथ ही ऐसे एस सी ईआरटी से भी शैक्षिक मास्टर ट्रेनर के रूप में शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करता है।इस प्रकार उनके उत्कृष्ट, सराहनीय व प्रशंसनीय कार्य को दृष्टिगत रखते हुए कोरोना काल में पढ़ई तुंहर द्वार उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान कलेक्टर जन्मजये महोबे के कर कमलों द्वारा,मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण शिक्षाश्री पुरस्कार एवं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यपाल महामहिम रामेन डेका के कर कमरों द्वारा सम्मानित किया जा चुका हैं।

इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान अब्दुल कलाम अवॉर्ड, शिक्षा शिल्पी सम्मान, शिक्षक गौरवअलंकरण, राष्ट्रीय हिंदी रक्षक सम्मान उत्कृष्ट सेवा हेतु कर्मवीर सम्मान आदि आदि मिल चुके। साहित्य के क्षेत्र में भी उन्होंने बेहतर से बेहतर छंद बद्ध लेख, कविता, गीत, लोककथा, कहानी उनकी रचनाएं प्रकाशित हो चुकी है और छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है। राज्य स्तरीय युवा व साहित्य कला महोत्सव में निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उच्च शिक्षा मंत्री माननीय उमेश पटेल के करकमलों द्वारा सम्मानित किया गया है इस तरह से अनेक विधाओं में पारंगत्ता का परिचय देकर स्कूली गतिविधियों में अपना प्रशंसनीय योगदान देकर नित नये आयाम के साथ निरंतर व सतत् रूप से आगे बढ़ रहे हैं । उन्होंने विभागीय एम एड सेमेस्टर परीक्षा में भी प्रवीण्यता सूची में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में चतुर्थ स्थान प्राप्त करने में अपने उपलब्धि हासिल की है साथ ही शोध कार्य के क्षेत्र में भी विशेष काम किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी कोलंबिया महाविद्यालय में भी अपनी बेहतरीन सेमिनार में प्रस्तुतीकरण कर शाला को ग़ौर करने में सफलता हासिल किया है । जिला स्तरीय साल कला उत्सव 2025 में छत्तीसगढ़ी भाषा में एक पेड़ मांँ के नाम से स्वयं द्वारा सृजित एक नाटक तैयार कर एवं आदिवासी नृत्य पर शालेय कला उत्सव का प्रदर्शन राज्य स्तर पर नवंबर दिसंबर 2025 को होना है उसमें बाल कलाकारों के द्वारा प्रस्तुतीकरण होना है। राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ीकरण करने हेतु एवं महापुरुषों के जयंती, पुण्य व विशेष दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है और सभी बच्चों को प्रोत्साहित भी किया जाता है जिस तरह से बच्चों के प्रति आत्म समर्पण का भाव सतत बने रहता है और उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़ता रहता है।
