DAILY BALOD NEWS

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शिक्षक दिवस विशेष: शिक्षा श्री विवेक धुर्वे ,जिनका नाम नहीं काम बोलता है…..

जिले में उन्होंने काम से बनाई है अपनी अलग पहचान

डीबी डिजिटल मीडिया बालोद। आज हम आपको एक ऐसे शिक्षक के कार्यो को बता रहे है जिन्होंने अपने कार्यो से ही एक अलग पहचान बनाई है। हम बात कर रहे है बालोद जिले के एक छोटे से गाँव जगन्नाथपुर सांकरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ज /सांकरा जहाँ विवेक धुर्वे वाणिज्य व्याख्याता के पद पर पदस्थ है। जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बहुत से पुरुस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। जिनका कार्य बोलता है। विद्यालय के कक्षा 12 वी में प्रतिवर्ष 100℅ रिजल्ट देकर वाणिज्य संकाय का उन्होंने गौरव बढ़ाया है।

उनकी कुछ उपलब्धियां है जैसे :-

  • विद्यालय स्तर में बच्चों की 10 वी के बाद काउंसिलिंग किया जाता है ताकि बच्चे अपनी रुचि और स्तर के हिसाब से अपने पसंदीदा विषय का चुनाव कर सके और अपना सही करियर बना सके।
  • श्री धुर्वे राज्य स्तर में होने वाले प्रशिक्षण में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के रूप में अपनी सेवाएं देते है।
  • जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स के रूप में अपनी सेवाए देते रहते हैं।
  • पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य वृक्षा रोपण का कार्य विद्यालय स्तर में इनके द्वारा किया गया है।
  • राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में वर्तमान में भारत सरकार की “आदि कर्मयोगी अभियान” के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे है।
  • माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर में विषय समिति सदस्य के रूप में भी कार्य इनके द्वारा किया जा रहा है।

पूर्व में इनके द्वारा किये गए कार्य:-

कोरोना काल में कार वाले गुरुजी के नाम से अपनी अलग पहचान बनाई है। जिन्होंने अपनी कार को ही वर्च्युअल क्लास रूम बना के शिक्षा को जारी रखा। इस पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एक शॉर्ट फिल्म भी बनाई गई थी। कोरोना काल के दौरान कार वाले गुरु जी के नाम से विवेक धुर्वे पूरे छत्तीसगढ़ में विख्यात होते हुए चर्चा में आए थे। उनके इस नवाचार को कई लोगों ने काफी सराहा और उनसे प्रेरित होकर कोरोना काल में अन्य शिक्षकों ने अपनी कक्षाएं, कोई ऑनलाइन तो कोई मोहल्ला क्लास के जरिए जारी रखे हुए थे। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा कोरोना काल में वर्च्युअल रूम से पढ़ाई करवाने पर तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा उन्हें सम्मनित किया गया।

स्काउट गाइड के क्षेत्र में भी कर रहे काम, बच्चों को करते हैं स्वच्छता और सेवा कार्य के लिए प्रेरित\

श्री धुर्वे अपने नवाचारी गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। बच्चों को नए-नए तरीकों से शिक्षित करने, विभिन्न जागरूकता अभियानों से जोड़ने, स्काउट गाइड के क्षेत्र में सेवा भाव, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण आदि गतिविधियों में सहभागिता देने के लिए वे हमेशा आगे रहते हैं। स्काउट गाइड की गतिविधियों के माध्यम से भी बच्चों को वे स्वच्छता, पर्यावरण और सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं। वे भारत स्काउट्स गाइड में रोवर लीडर के रूप में सामाजिक कार्य व पर्यावरण के क्षेत्र में विशेष योगदान दे रहे हैं।

अपने कार्यों के कारण पा चुके कई सम्मान

वे मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण “शिक्षाश्री’ से सम्मानित हुए हैं। पढ़ई तुंहर द्वार में जिला स्तरीय कलेक्टर से सम्मानित,पढ़ई तुंहर द्वार 36 शिक्षको में जिला स्तरीय 15 अगस्त को सम्मानित हुए। पढ़ई तुंहर द्वार छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय ब्लॉग राइटर की भूमिका निभाई। कोरोना काल में मोहल्ला कक्षा के समय राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से उन पर शार्ट टेलीमूवी बनाई गई। स्कूल स्तर पर पर्यावरण को बढ़ावा, कैरियर गाइड लाइन का कार्य, कोरोना काल वर्ष में निशुल्क ऑनलाइन कक्षा का संचालन, नॉवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन शिक्षक सृजन गौरव अलंकरण से सम्मानित,एससीईआरटी रायपुर,समग्र शिक्षा रायपुर, आईसीटी, उजियारा युवा कैरियर मार्गदर्शन एवं परामर्श समग्र शिक्षा एवं यूनिसेफ के द्वारा राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर्स व जिला स्तर मास्टर ट्रेनर्स के रूप में अपनी सेवाएं दिए है। और आज के समय में राज्य व जिला के कई प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर्स के रूप में अपना कार्य कर रहे है।

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