बाल संस्कार शिविर में गूंजे संस्कार और कबीर वाणी के संदेश, 628वीं कबीर जयंती धूमधाम से मनाई गई



150 बच्चों ने लिया प्रशिक्षण, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

बालोद। जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित कबीर आश्रम करहीभदर में आयोजित त्रिदिवसीय बाल संस्कार शिविर एवं सद्गुरु कबीर साहेब की 628वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम परम पूज्य वंशाचार्य कबीर मठ नादिया के सानिध्य में आयोजित किया गया, जिसमें संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।

संस्कार, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का मिला प्रशिक्षण

28 मई को सद्गुरु कबीर साहेब की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में लगभग 150 बच्चों ने भाग लिया। प्रतिदिन प्रातः 4 बजे जागरण से लेकर ध्यान, योग, प्राणायाम, व्यायाम, महापुरुषों की जीवनी, सामान्य ज्ञान, पहेलियां, दोहा-श्लोक, खेलकूद, बीजक पाठ एवं भजन जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को संस्कार और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया गया।

संतों और विद्वानों ने दिए प्रेरणादायक संदेश

योगाचार्य संत जितेंद्र साहेब ने कहा कि योग, ध्यान और प्राणायाम बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। साहित्यकार संत दिनेंद्र साहेब ने बच्चों को रोचक तरीके से सामान्य ज्ञान और जीवन मूल्यों की शिक्षा दी।

व्याख्याता धर्मेंद्र श्रवण ने कहा कि भौतिक विकास के साथ आध्यात्मिक विकास भी जरूरी है। पूर्व प्राचार्य ऋषि कुमार आमदे ने कबीर के मानवतावादी दर्शन को बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

निर्मल ज्ञान मंदिर भिलाई के अध्यक्ष आत्माराम साहू ने कहा कि कबीर साहेब की 600 वर्ष पुरानी वाणी आज भी सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टि से प्रासंगिक है। वहीं संत कोमल साहेब, साध्वी संतुष्टि साहेब और साध्वी श्रद्धा साहेब ने बच्चों को सदाचार, विवेक, गुरु भक्ति और सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश दिया।

तोमन साहू ने की शिविर की सराहना

जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं रेड क्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष तोमन साहू ने कहा कि एक साथ 150 बच्चों को संस्कार और अनुशासन का प्रशिक्षण देना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने खेलकूद सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग देने की घोषणा भी की।

प्रतिभाशाली बच्चों को मिला सम्मान

शिविर के दौरान आयोजित बौद्धिक परीक्षा में नेहा आडिल और तनुजा साहू ने 50 में से 49 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। छोटे बच्चों में अभिनव और वैष्णवी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सभी विजेताओं को शील्ड, मेडल, मोमेंटो, पेन एवं सम्मान पत्र प्रदान किए गए।

खेलकूद और मनोरंजन से बढ़ा उत्साह

शिविर में रिले रेस, कुर्सी दौड़, गोली-चम्मच दौड़, पानी गेम, पुशअप प्रतियोगिता सहित विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बच्चों के लिए विशेष रूप से स्विमिंग पूल की व्यवस्था की गई तथा संत देवेंद्र साहेब द्वारा जादू और प्रेरक प्रसंगों की प्रस्तुति भी दी गई।

300 से अधिक श्रद्धालुओं की रही सहभागिता

कार्यक्रम में लगभग 300 श्रद्धालुओं, अभिभावकों एवं समाजजनों की उपस्थिति रही। संतों की पूजा-अर्चना, भजन, सत्संग एवं प्रसाद वितरण के साथ समारोह हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।

संस्कारवान पीढ़ी निर्माण का संदेश

समापन अवसर पर कबीर मठ नादिया के आचार्य पूज्य मंगल साहेब ने कहा कि कबीर साहेब केवल सामाजिक और तार्किक विचारक ही नहीं, बल्कि मानवता के महान संत थे। उनकी वाणी आज भी समाज सुधार और व्यक्ति निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन देती है। उन्होंने बच्चों से संस्कार, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

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