49वें शहादत दिवस से पहले दल्लीराजहरा में उमड़ा जनसैलाब, मजदूरों ने दोहराया संघर्ष और एकता का संकल्प
दल्लीराजहरा। छत्तीसगढ़ के श्रमिक आंदोलन के इतिहास में अमिट पहचान रखने वाले 2-3 जून 1977 के शहीद मजदूरों की स्मृति में मंगलवार को दल्लीराजहरा में एक विशाल बाइक रैली निकाली गई। छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ एवं छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में मजदूर, युवा एवं संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए।
रैली के माध्यम से उन मजदूर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई जिन्होंने श्रमिक अधिकारों, सम्मानजनक जीवन और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था।
1977 की शहादत आज भी संघर्ष की प्रेरणा
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1977 में आंदोलनरत मजदूरों पर तत्कालीन शासन-प्रशासन द्वारा दमनात्मक कार्रवाई की गई थी। 2 जून की रात और 3 जून की दोपहर हुई पुलिस फायरिंग में बालक सुदामा, अनुसुईया बाई सहित कुल 11 मजदूर साथियों ने शहादत दी थी।
यह घटना आज भी छत्तीसगढ़ के मजदूर आंदोलनों के इतिहास में अन्याय और दमन के खिलाफ संघर्ष की एक प्रेरणादायक गाथा के रूप में याद की जाती है।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकली रैली
शाम 5 बजे छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ एवं छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा कार्यालय से शुरू हुई बाइक रैली शहीद वीर नारायण सिंह चौक, मेन रोड, पेट्रोल पंप चौक, गुप्ता चौक, फौव्वारा चौक (नियोगी चौक), श्रमवीर चौक, जैन भवन चौक और माइंस ऑफिस चौक से होते हुए पुनः कार्यालय परिसर पहुंची।
रैली के दौरान शहीदों के संघर्ष, एकता और अधिकारों की रक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया। पूरे मार्ग में श्रमिक एकता और संघर्ष के नारों से वातावरण गूंजता रहा।
बड़ी संख्या में शामिल हुए पदाधिकारी और कार्यकर्ता
कार्यक्रम में माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके, सुरेन्द्र साहू, राजाराम बरगद, रामचरण नेताम, नारद, तथा छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनकलाल ठाकुर, बिहारी लाल ठाकुर, तिलक, महेश, श्रवण, राजा, मोहनू सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
49वें शहादत दिवस के मुख्य कार्यक्रम की तैयारी
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि 2-3 जून 1977 की शहादत केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं बल्कि मजदूर वर्ग के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई की जीवंत प्रेरणा है। शहीदों के बलिदान ने पूरे छत्तीसगढ़ में श्रमिक चेतना को नई दिशा दी और संगठित संघर्ष की ताकत को स्थापित किया।
संगठन ने बताया कि वर्ष 1978 से लगातार प्रत्येक वर्ष “शहीद दिवस-शपथ दिवस” मनाया जाता रहा है। इसी परंपरा के तहत 3 जून 2026 को दल्लीराजहरा स्थित छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ एवं छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा कार्यालय परिसर में 49वें शहादत दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
संगठन ने मजदूरों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और पत्रकारों से बड़ी संख्या में शामिल होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।
