DAILY BALOD NEWS

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सरपंचों की समस्याओं को लेकर जिला सरपंच संघ ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत को सौंपा ज्ञापन, मानसून सत्र में मुद्दा उठाने का मिला आश्वासन

गुण्डरदेही। ग्राम पंचायतों की लगातार बढ़ती समस्याओं और पंचायती राज व्यवस्था की दयनीय स्थिति को लेकर जिला सरपंच संघ बालोद ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के गुण्डरदेही आगमन के दौरान उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपा। जिला सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने पंचायतों के समक्ष उत्पन्न वित्तीय, प्रशासनिक एवं विकास संबंधी समस्याओं से अवगत कराते हुए त्वरित समाधान की मांग की।

जिला सरपंच संघ बालोद के अध्यक्ष क्रांतिभूषण साहू के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि पंचायती राज व्यवस्था वर्तमान में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। समय पर वित्तीय राशि उपलब्ध नहीं होने से ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई सरपंच आर्थिक दबाव झेलने को मजबूर हैं।

15वें और 16वें वित्त आयोग की राशि को लेकर चिंता

ज्ञापन में कहा गया कि 15वें वित्त आयोग की राशि समय पर प्राप्त नहीं होने के कारण सरपंचों को पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए निजी स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ रही है। कई पंचायतें कर्ज के बोझ तले दब गई हैं। वहीं 16वें वित्त आयोग की राशि कब प्राप्त होगी, इसे लेकर भी कोई स्पष्टता नहीं है।

मानदेय बढ़ाने और वित्तीय अधिकार देने की मांग

सरपंच संघ ने वर्तमान में मिलने वाले 4 हजार रुपये मासिक मानदेय को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाकर कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी। साथ ही वित्त आयोग की राशि में टाइड और अनटाइड जैसी शर्तों को सरल बनाने तथा कम से कम एक लाख रुपये तक की राशि सरपंचों के अधिकार क्षेत्र में रखने की मांग की गई।

बिजली बिल और मनरेगा भुगतान बना बड़ी समस्या

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायतों को लाखों रुपये के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिनका भुगतान कर पाना पंचायतों के लिए संभव नहीं है। कई पंचायतों पर 5 लाख से 15 लाख रुपये तक का विद्युत देयक लंबित है।

इसके अलावा मनरेगा के सामग्री मद वाले कार्यों के भुगतान में हो रही देरी को भी गंभीर समस्या बताया गया। भुगतान नहीं मिलने से सरपंचों को ब्याज पर राशि लेकर कार्य करवाने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक संकट और बढ़ रहा है।

जल जीवन मिशन और रिक्त पदों पर भी उठाए सवाल

सरपंच संघ ने जल जीवन मिशन में कथित लापरवाही, पंचायतों की शिकायतों पर अधिकारियों की उदासीनता तथा जिला प्रशासन द्वारा मूलभूत आवश्यकताओं की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया। साथ ही ग्राम पंचायतों में रिक्त सचिव और रोजगार सहायक पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की गई।

मानसून सत्र में मुद्दा उठाने का आश्वासन

जिला सरपंच संघ के प्रतिनिधियों द्वारा पंचायतों की समस्याओं से अवगत कराए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरपंचों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे इन मुद्दों को आगामी मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे तथा पंचायतों के हित में शासन का ध्यान आकर्षित करेंगे।

जिला सरपंच संघ ने उम्मीद जताई है कि पंचायतों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिल सके और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती प्राप्त हो।

प्रमुख मांगें

• 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान
• 16वें वित्त आयोग की राशि जारी करने की स्पष्ट समय-सीमा
• सरपंच मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करना
• बिजली बिल समस्या का स्थायी समाधान
• मनरेगा सामग्री भुगतान में नियमितता
• जिला गौण खनिज निधि का पंचायतों को लाभ
• जल जीवन मिशन की निगरानी और जवाबदेही
• रिक्त सचिव एवं रोजगार सहायक पदों पर नियुक्ति

पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए सरपंचों की इन मांगों पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है। जिला सरपंच संघ को उम्मीद है कि आने वाले मानसून सत्र में यह मुद्दा प्रमुखता से उठेगा और पंचायतों को राहत मिलेगी।

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