शैक्षिक नवाचार, पर्यावरण संरक्षण एवं बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान पर प्रतिभा त्रिपाठी सम्मानित

चंपारण (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के पावन तीर्थ एवं वृंदावन के नाम से प्रसिद्ध चंपारण में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड की शिक्षिका प्रतिभा त्रिपाठी को “बिरसा मुंडा राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया।

यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें विद्यालय में किए जा रहे शैक्षिक नवाचारों, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा, साहित्यिक गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त रक्तदान, नेत्रदान जागरूकता, वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं छात्रों के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा जैसे सामाजिक कार्यों को भी सम्मान का आधार माना गया।

शिक्षा सागर फाउंडेशन भारत के संस्थापक शैलेश भाई प्रजापति एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष गायत्री मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान समारोह में उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से आए 185 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह में समग्र शिक्षा गरियाबंद के डीएमसी शिवेश शुक्ला, एपीसी मनोज केला, एपीसी थॉमस विल्सन सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। वहीं छत्तीसगढ़ की राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका तथा तेलंगाना राज्य से सम्मानित राष्ट्रपति शिक्षक रवि सर द्वारा सम्मानित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए।

बालोद जिले की शिक्षिका प्रतिभा त्रिपाठी का नाम इस राष्ट्रीय सम्मान सूची में शामिल होना जिले एवं शिक्षा जगत के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि पर शिक्षा विभाग, सहकर्मियों, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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