जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती पर होगी चर्चा, प्रगतिशील किसानों का होगा सम्मान
बालोद। अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को ग्राम पीड़ियाल में सोसायटी फॉर इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट द्वारा एक विशाल जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व के प्रति ग्रामीणों और युवाओं को जागरूक करना है।
संस्था के सचिव एस.के. खरे ने बताया कि इस वर्ष के आयोजन में जलवायु परिवर्तन और उसके ग्रामीण जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की उपयोगिता, लाभ और व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी।
कार्यक्रम में बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों को प्रकृति, स्वच्छता और हरियाली के महत्व को रचनात्मक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा किसानों एवं ग्रामीणों को बीज उपचार (सीड ट्रीटमेंट), जैविक खाद निर्माण तथा प्राकृतिक कीटनाशक तैयार करने की विधियों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष रूप से सीड बॉल तैयार किए जाएंगे, जिन्हें वर्षा ऋतु के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बिखेरा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पौधों का प्राकृतिक रूप से विकास हो सके।
संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा। इससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिलेगी और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन स्थल सहित गांव के सार्वजनिक एवं सामुदायिक स्थानों पर सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में ग्रामीण, बच्चे, किसान और संस्था के सदस्य मिलकर भाग लेंगे तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का संदेश देंगे।
संस्था ने क्षेत्र के सभी ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों एवं पर्यावरण प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
