नैतिकता, मानवता और तकनीकी स्तर के नाते बी.एस. पी. की पहली जिम्मेदारी 100 बिस्तर अस्पताल
दल्लीराजहरा -हेल्पिंग ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ स्टेट प्रेसिडेंट मोहम्मद मेराज और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर हेल्थ सेल से आरिफ खान ने मुख्य महाप्रबंधक आई.ओ.सी. राजहरा को बी.एस.पी. अस्पताल को 100 बिस्तर अस्पताल बनाने की मांग करते हुए पत्र सौपा। जिस पत्र में बताया गया कि दल्लीराजहरा लौह अयस्क खदान वाला क्षेत्र है। जिसमे बी.एस.पी द्वारा विगत 60 वर्षों से लौह अयस्क का दोहन किया जा रहा है। दल्लीराजहरा की आबादी 50 हजार से ऊपर है। खनिज न्यास और रॉयल्टी की राशि प्रतिवर्ष करोड़ो रुपए जाती है। परंतु दल्लीराजहरा के विकास कार्य हेतु वर्तमान समय तक उस राशि का उपयोग नही किया गया है। जिसके कारण शहर का विकास कार्य अवरुद्ध है। दल्लीराजहरा की जनता पिछले 15 वर्षों से 100 बिस्तर अस्पताल की मांग कर रहे है। परंतु किसी प्रकार की कोई सुनवाई नही हुई।

मोहम्मद मेराज ने कहा कि नैतिकता, मानवता और तकनीकी स्तर के नाते यदि बी.एस.पी के अंतर्गत आने वाले बी.एस.पी अस्पताल को रॉयल्टी की राशि से 100 बिस्तर अस्पताल करते हुए आधुनिक मेडिकल मशीन, ब्लड बैंक, सर्व सम्पन्न डॉक्टर एवम नर्स की ततकाल भर्ती करके बी.एस.पी अस्पताल को सर्व सुविधायुक्त किया जाए। साथ ही रॉयल्टी की राशि का उपयोग करते हुए सम्पूर्ण मेडिकल स्टाफ का वेतन भुगतान किया जाए। एवम बी.एस.पी में कार्य कर रहे ठेका श्रमिको एवम शहर की आमजनता का इलाज शासकीय दर में किया जाए। तथा प्रतिवर्ष दी जाने वाली खनिज न्यास एवम रॉयल्टी की राशि का कुछ प्रतिशत खर्च स्थानीय बी.एस.पी अस्पताल के संचालन में किया जाए। जिससे राज्य सरकार को अतिरिक्त लागत का नवनिर्माण अस्पताल बनाने की आवश्यकता नही पड़ेगी। और सही मायनों में खनिज न्यास एवम रॉयल्टी की राशि का उपयोग नज़र होता आएगा। जो कि बालोद जिला के लिए अत्यंत हर्ष की बात होगी। बी.एस.पी प्रबंधन द्वारा रॉयल्टी की राशि से यदि 100 बिस्तर अस्पताल को सर्वसुविधा युक्त निर्माण कर इलाज शासकीय दर में किया जाता है तो जनता को बेहतर उपचार हेतु शहर से दूर नही जाना पड़ेगा। और समय पर सही इलाज होता नजर आएगा।
