विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने की अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब , नर्सिंग होम हॉस्पिटल, क्लिनिक डायग्नोस्टिक सेंटर पर कार्रवाई की मांग, जनदर्शन में की शिकायत



सूचना के अधिकार के तहत मिली लाइसेंस प्राप्त संस्थाओं की जानकारी, उनसे कहीं ज्यादा जिले में अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की दुकान

बालोद। बजरंग दल का कार्य सेवा सुरक्षा और संस्कार इस उद्देश्य के तहत विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा मंगलवार को जन दर्शन में कलेक्टर के नाम से ज्ञापन सौंपते हुए बालोद जिला में अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब ,खून जांच केंद्र, नर्सिंग होम हॉस्पिटल, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर आदि पर कार्यवाही की मांग की है। जो बिना लाइसेंस के संचालित किए जा रहे हैं। सूचना के अधिकार के तहत बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद द्वारा स्वास्थ्य विभाग से जानकारी मांगी गई थी कि जिले में कितने लाइसेंसी स्वास्थ्य संस्थान है। जिसमें विकास खंड वार जानकारी प्राप्त हुई है ।अगर सूची देखें तो कुछ प्रमुख संस्थानें ही लाइसेंस धारक है। अधिकतर संस्थान जो इस सूची में शामिल नहीं है अवैध की श्रेणी में आते हैं।

पर वह बेधड़क संचालित हो रहे हैं ।जिस पर कार्यवाही की मांग की गई है ताकि लोगों की सेहत और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे अवैध झोलाछाप डॉक्टरों पर अंकुश लगे। विश्व हिंदू परिषद के सह मंत्री सतीश विश्वकर्मा, महेंद्र सोनवानी, बजरंग दल के जिला संयोजक उमेश कुमार सेन आदि ने जनदर्शन में शिकायत करते हुए मांग किया है कि
बालोद नगर एवं जिले के अंतर्गत बिना रजिस्ट्रेशन, विशेषज्ञता एवं अवैध रूप से संचालित डायग्नोस्टिक, अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम के संचालकों के विरुद्ध उचित व सक्त कार्यवाही की जाए । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बालोद (छ.ग.) द्वारा सन् 2023 एवं माह अप्रेल 2025 में सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी मुताबिक नगर बालोद एवं पूरे बालोद जिले के अंतर्गत शासन / प्रशासन द्वारा डायग्नोस्टिक, अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम संचालन हेतु निर्धारित नियमों एवं मापदंडों को ताक में रखकर बिना विशेषज्ञ डिग्री एवं रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से संचालित कर विभिन्न प्रकार के शारीरिक अंगों, खून जांच, रिपोर्ट एवं ईलाज किया जा रहा है तथा शासन/प्रशासन के कुछ संबंधित अधिकारियों के मिलीभगत के चलते कुछ नर्सिंग होम में PCPNDT (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम) के विपरीत कार्य किये जा रहे हैं। जिसके कारण आम जनता को शारीरिक, आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।शासन/प्रशासन द्वारा इस महत्वपूर्ण मुद्दे (विषय) पर कोई निगरानी, जांच एवं विधिवत सक्त कार्यवाही नहीं किये जाने के कारण डायग्नोस्टिक, अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम के संचालकों द्वारा बेखौफ लगातार उपरोक्त अवैधानिक कार्य/कृत्य किये जा रहे हैं। जिले के अंतर्गत संचालित कुछ नर्सिंग होम में स्त्री रोग एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों/ चिकित्सकों द्वारा निर्धारित समयावधि का कोर्स पूर्ण किये बिना केवल 06 (छः) माह का कोर्स कर सामान्य सोनोग्राफी, लेवल-2 स्कैन अथवा गैर विशेषज्ञता का रिपोर्ट दिया जा रहा है और बिना किसी एम.बी.बी.एस. चिकित्सक एवं पैथोलॉजी विशेषज्ञों के अवैध रुप से नर्सिंग होम संचालन किया जा रहा है। इनके द्वारा अपने संस्थानों में फायर सेफ्टी का कोई अनुमति नहीं ली गई है और न ही बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन संबंधी शासन के दिशा-निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा हैm जिससे आम जनता एवं मरीजों के स्वास्थ्य एवं जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है एवं जान-माल का खतरा बना हुआ है। इसलिए कलेक्टर से निवेदन किया गया है कि शिकायत पर गंभीरतापूर्ण विचार कर जनहित में उपरोक्त मुद्दे पर त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर बालोद नगर एवं जिले के अंतर्गत बिना रजिस्ट्रेशन, विशेषज्ञता एवं अवैध रूप से संचालित डायग्नोस्टिक, अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम पर अंकुश लगाते हुए तत्काल बंद करा कर संबंधित संचालकों के विरुद्ध सक्त कार्यवाही की जाए।

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