दैहान के जंगल में भटक रही थी महिला, निकली झारखंड की, घर नहीं मिला इसलिए नारी निकेतन भेजा गया, पढ़िये इनकी कहानी?



बालोद – करीब एक हफ्ते पहले 29 जनवरी को पुलिस व सखी सेंटर वालों को एक महिला दल्ली राजहरा मार्ग पर दैहान जंगल के पास एक महिला भटकती मिली. जिसके पास एक बच्चा भी था. पूछताछ में पता चला वह दो माह से इलाके में भीख मांग कर गुजारा कर रही. उसे पूछताछ के लिए लाया गया. तो पहचान अधूरी निकली. बोलचाल से पता चला वह झारखंड की है. लेकिन वास्तव में वह कहां रहती है, इसकी डिटेल नही मिली. जिसके बाद अब जिला प्रशासन के निर्देश पर उक्त महिला व बच्चे को अब नारी निकेतन रायपुर में भेजा गया है. जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला मुख्यालय में संचालित सखी वन स्टाप सेंटर में भटकी हुई महिला एवं बच्चे को शासन द्वारा निर्धारित सुविधा मिली है। सखी वन स्टाॅप सेंटर के प्रभारी केन्द्र प्रशासक ने बताया कि सखी वन स्टाॅप सेंटर में 29 जनवरी 2021 को दूरभाष के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि एक महिला एवं बच्चा बालोद से लगभग आठ किलोमीटर की दूरी पर दल्लीराजहरा मार्ग में दैहान मोड़ के पास भटक रहे हैं। सूचना मिलते ही तत्काल सखी टीम द्वारा थाना बालोद को सूचना दिया गया एवं सखी टीम व थाना बालोद द्वारा रेस्क्यू कर महिला एवं बच्चे को लेकर आए और दोनो का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया जिसमें स्वस्थ पाए गए। स्वास्थ्य जाॅच उपरांत महिला एवं बच्चे को सखी सेंटर में अस्थाई आश्रय हेतु लाया गया। महिला एवं बच्चा कई दिनों से आसपास के गांव में भूखे-प्यासे भटकने के कारण महिला कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थी। सखी सेंटर में आने के पश्चात् दोनो को शासन द्वारा निर्धारित उपलब्ध सुविधा मुहैया कराया गया।  उन्होंने बताया कि दूसरे दिन महिला का काउंसलिंग परामर्शदाता के द्वारा किया गया परन्तु महिला कुछ बात नही की वह सिर्फ सामने वालों की भाषा समझ रही थी। इसके पश्चात् महिला धीरे-धीरे स्टाॅफ वालों से घुली-मिली तब कुछ-कुछ बोलना शुरू की। उसने बताया कि वह लगभग दो माह से भटक रही है और भीख मांगकर खा रही थी। महिला ने अपना नाम नीमन पति मनुहर कण्डुल पता झारखण्ड बताई। प्रभारी केन्द्र प्रशासक ने बताया कि महिला के निवास स्थान का सही पता नहीं होने के कारण व शासन द्वारा निर्धारित अवधि तक आश्रय दिया जाता है। उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए व महिला और उसके बच्चे के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशानुसार महिला और उसके बच्चे को पुनर्वास हेतु नारी निकेतन रायपुर भेजा गया।

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